मोतिहारी: भारत-नेपाल सीमा पर कुंडवा चैनपुर थाना पुलिस और एसएसबी की संयुक्त कार्रवाई में तीन नेपाली नाबालिग लड़कियों को कथित मानव तस्करी के चंगुल से रेस्क्यू किया गया। पुलिस के अनुसार, तीनों को नेपाल से भारत की ओर ले जाया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान एक संदिग्ध तस्कर को भी गिरफ्तार किया गया है।
सीमा पर पेट्रोलिंग के दौरान पुलिस ने रोका
पुलिस और एसएसबी की टीम भारत-नेपाल सीमा पर पेट्रोलिंग कर रही थी। इसी दौरान नेपाल की ओर से तीन नाबालिग लड़कियां एक व्यक्ति के साथ भारत की तरफ आती दिखाई दीं। टीम ने उन्हें रोककर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में लड़कियों को कथित रूप से प्रलोभन देकर भारत लाए जाने की बात सामने आई।
पुलिस का कहना है कि समय रहते कार्रवाई होने से तीनों नाबालिगों को कथित शोषण की स्थिति में पहुंचने से पहले सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया।
एक संदिग्ध गिरफ्तार, पूछताछ में जुटी पुलिस
पुलिस ने मौके से सलाउद्दीन अंसारी को गिरफ्तार किया है। उसकी पहचान पूर्वी चंपारण के ढाका थाना क्षेत्र के हारुनी गांव निवासी के रूप में बताई गई है। पुलिस उससे और रेस्क्यू की गई तीनों नाबालिगों से पूछताछ कर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
शिकारहना डीएसपी अभिषेक कुमार के अनुसार, शुरुआती जांच में नाबालिगों को प्रलोभन देकर शोषण के उद्देश्य से भारत लाए जाने की आशंका सामने आई है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
स्कूटी, मोबाइल और दस्तावेज बरामद
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक इलेक्ट्रिक स्कूटी, पांच मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड, 510 रुपये नेपाली मुद्रा और 520 रुपये भारतीय मुद्रा बरामद करने की जानकारी दी है। बरामद सामान की भी जांच की जा रही है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नाबालिग लड़कियों को भारत लाने के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और उनका आगे का ठिकाना क्या था। साथ ही, पुलिस उनके परिजनों से संपर्क करने की प्रक्रिया में जुटी है।
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