पटना: बिहार को हाईस्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी अब अगले चरण में पहुंचती दिख रही है। प्रस्तावित दिल्ली-वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर से पटना की दिल्ली और उत्तर बंगाल से कनेक्टिविटी तेज होने की उम्मीद है। हाल की रिपोर्टों के मुताबिक NHSRCL ने परियोजना से जुड़ी डीपीआर और आगे की डिजाइन-सर्वे प्रक्रिया पर काम तेज किया है।
पटना से दिल्ली का सफर 4 घंटे 41 मिनट में
प्रस्तावित टाइमिंग के अनुसार दिल्ली से पटना की यात्रा करीब 4 घंटे 41 मिनट में पूरी हो सकती है। वहीं पटना से सिलीगुड़ी का सफर करीब 2 घंटे में पूरा करने का लक्ष्य बताया गया है। दिल्ली-सिलीगुड़ी यात्रा का अनुमानित समय करीब 6 घंटे 45 मिनट है। हालांकि ये समय परियोजना की प्रस्तावित डिजाइन और संचालन मानकों पर आधारित हैं, अभी नियमित सेवा शुरू नहीं हुई है।
350 किमी प्रति घंटे तक की डिजाइन स्पीड
NHSRCL की हालिया RFP के मुताबिक कॉरिडोर को 320 से 350 किमी प्रति घंटे की रफ्तार को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जाना है। इसमें हाईस्पीड ट्रैक, पुल, स्टेशन, डिपो और अन्य ढांचों की डिजाइन शामिल होगी।
बिहार के कई शहर जुड़ेंगे
प्रस्तावित वाराणसी-सिलीगुड़ी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बिहार से होकर गुजरने वाला है। उपलब्ध जानकारी में बक्सर, आरा, पटना, कटिहार और किशनगंज जैसे प्रमुख शहरों का उल्लेख किया गया है। हालांकि स्टेशन और अंतिम रूट का निर्धारण परियोजना की विस्तृत तकनीकी प्रक्रिया और मंजूरियों के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगा।
परियोजना अभी निर्माण से पहले के चरण में
केंद्र सरकार ने 2026-27 के बजट में सात नए हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की थी, जिनमें दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी भी शामिल हैं। सरकार के अनुसार किसी हाईस्पीड रेल परियोजना को अंतिम मंजूरी देने में DPR, तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता, वित्तीय संसाधन और अन्य पहलुओं का आकलन किया जाता है।
इसलिए फिलहाल इसे चालू बुलेट ट्रेन सेवा के बजाय प्रस्तावित हाईस्पीड रेल परियोजना के रूप में देखना उचित है। परियोजना आगे बढ़ने के साथ रूट, स्टेशन, जमीन और निर्माण से जुड़ी तस्वीर और स्पष्ट होगी।
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