मोतिहारी: गांधी मैदान से मंगलवार को बिहार के विकास का बड़ा खाका सामने आया। बापूधाम महोत्सव के मंच से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक के बाद एक कई बड़े ऐलान किए। बिहार में नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) का नया कैंपस, मोतिहारी में नई चीनी मिल, 700 स्कूलों को मॉडल स्कूल बनाने और अगले पांच वर्षों में एक करोड़ लोगों को नौकरी-रोजगार देने का लक्ष्य बताया गया।
मुख्यमंत्री ने मोतिहारी को करीब 285 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की सौगात भी दी। इनमें विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास शामिल है।
अब रंगमंच की पढ़ाई के लिए बिहार से बाहर जाने की जरूरत नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में NSD का नया कैंपस स्थापित किया जाएगा। केंद्र की सहमति के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के प्रति आभार जताया।
उन्होंने कहा कि बिहार की नाट्य, लोककला और रंगमंच की समृद्ध परंपरा को राष्ट्रीय मंच मिलेगा। NSD कैंपस से राज्य के युवा कलाकारों को प्रशिक्षण और प्रदर्शन कला के क्षेत्र में नए अवसर मिलने की उम्मीद है।
700 स्कूलों में बदलेगी पढ़ाई की तस्वीर
शिक्षा के मोर्चे पर मुख्यमंत्री ने 700 स्कूलों को मॉडल स्कूल बनाने की योजना बताई। इन स्कूलों में करीब तीन लाख बच्चों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही गई।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि बच्चों को NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बाहर जाने की जरूरत कम होगी। जरूरत पड़ने पर देर रात तक शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की व्यवस्था की जाएगी।
मोतिहारी में फिर गूंजेगी चीनी मिल की सीटी
किसानों को लेकर मुख्यमंत्री ने मोतिहारी में नई चीनी मिल खोलने की तैयारी की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य में किसानों के हित में 10 नई चीनी मिलें खोली गई हैं और मोतिहारी की धरती पर भी एक नई चीनी मिल स्थापित की जाएगी।
नई मिल से गन्ना किसानों के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद जताई गई।
एक करोड़ रोजगार और हर गरीब को पक्का घर
मुख्यमंत्री ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ लोगों को नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा। साथ ही सभी गरीब परिवारों को पक्का मकान देने की बात कही।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 के चुनाव से पहले रोजगार और विकास के क्षेत्र में बड़े बदलाव दिखाई देंगे।
मोतिहारी को 285 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात
कार्यक्रम के दौरान करीब 285 करोड़ रुपये की योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया। इनमें नगर निगम की लगभग 78 करोड़ रुपये की योजनाएं भी शामिल हैं।
मोतिहारी तारामंडल, एमएस कॉलेज में करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से खेल स्टेडियम, एयरपोर्ट के पास होमगार्ड मैदान में मेडिकल कॉलेज और केंद्रीय विद्यालय समेत कई परियोजनाओं को गति देने की घोषणा की गई।
बिहार के बजट से लेकर बाढ़ तक का जिक्र
मुख्यमंत्री ने बिहार के बजट का जिक्र करते हुए कहा कि जब वह पहली बार विधायक बने थे, तब राज्य का बजट करीब छह हजार करोड़ रुपये था, जो 2026 में बढ़कर 3.47 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
वहीं, बाढ़ और सिंचाई की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से 11 हजार करोड़ रुपये की मांग का भी जिक्र किया। इसमें लंबित हाई डैम, इंद्रपुरी और कोसी-मेची लिंक परियोजनाओं समेत कई योजनाओं को पूरा करने पर जोर दिया गया।
200 स्टॉल में दिखी खेती और उद्यम की तस्वीर
बापू सभागार में कृषि, पशुपालन एवं मत्स्य मेले और उद्यमी उन्नति मेले में 200 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। यहां कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन, वानिकी और स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं।
मोतिहारी के मंच से घोषणाओं की यह फेहरिस्त लंबी रही—कला के लिए NSD, किसानों के लिए चीनी मिल, बच्चों के लिए मॉडल स्कूल और युवाओं के लिए रोजगार का वादा। अब इन बड़े ऐलानों को जमीन पर उतारना सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी।
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