पटना | बिहार में आने वाले दिनों में आवागमन का स्वरूप बदलने वाला है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य में चार हाई स्पीड कॉरिडोर यानी रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
इस परियोजना का उद्देश्य राजधानी पटना को आसपास के प्रमुख शहरों से तेज और सुगम तरीके से जोड़ना है। इसके तहत पटना से गयाजी, बेगूसराय, हाजीपुर (सोनपुर एयरपोर्ट) और पटना एयरपोर्ट से आरा के बीच हाई स्पीड कनेक्टिविटी विकसित करने की योजना है।
कैबिनेट ने इन कॉरिडोर का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करने के लिए 31.59 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। DPR तैयार होने के बाद परियोजना की कुल लागत, रूट, निर्माण अवधि और अन्य तकनीकी पहलुओं की जानकारी सामने आएगी।
शहरीकरण और बढ़ती आबादी को देखते हुए फैसला
मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि पटना और आसपास के क्षेत्रों में तेजी से बढ़ते शहरीकरण, यात्रियों की बढ़ती संख्या और आर्थिक गतिविधियों को देखते हुए इस विशेष रेल नेटवर्क की योजना बनाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि इससे पटना के आसपास विकसित हो रहे सैटेलाइट टाउनशिप को जोड़ने में भी मदद मिलेगी और लोगों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।
सरकारी भवनों पर लगेगा 500 मेगावाट का सोलर प्लांट
कैबिनेट ने जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत राज्य के सरकारी और सरकार के अधीन भवनों पर 500 मेगावाट क्षमता के ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर पावर प्लांट लगाने की मंजूरी दी है।
यह परियोजना रिन्यूएबल एनर्जी सर्विस कंपनी (RESCO) मोड पर लागू की जाएगी। इसके लिए संबंधित विभागों और डेवलपर के बीच पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) किया जाएगा।
दलहन उत्पादन बढ़ाने पर जोर
राज्य में दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में दलहन आत्मनिर्भरता मिशन योजना के तहत 79 करोड़ 84 लाख 61 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है।
इस योजना का उद्देश्य दलहन का क्षेत्रफल बढ़ाना, उत्पादन में वृद्धि करना और किसानों की आय बढ़ाना है।
पटना और मुजफ्फरपुर टाउनशिप का होगा विस्तार
कैबिनेट ने पटना (पाटलिपुत्र) और मुजफ्फरपुर (तिरहुत) में विकसित हो रहे टाउनशिप के क्षेत्र विस्तार को भी मंजूरी दी है।
इसके अलावा ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के विकास के लिए अहमदाबाद स्थित सीईपीटी विश्वविद्यालय को तकनीकी सहायता इकाई के रूप में चयन करने की स्वीकृति दी गई है।
अन्य बड़े फैसले
- भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज और मरम्मत कार्य के लिए 126.25 करोड़ रुपये मंजूर।
- मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना को वर्ष 2030-31 तक बढ़ाया गया, इसके लिए 300 करोड़ रुपये की स्वीकृति।
- पटना एम्स के विस्तार के लिए दानापुर के पास भुसौला में 26.76 एकड़ जमीन अधिग्रहण की मंजूरी।
- 10 सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में पीजी कोर्स के लिए 76 शैक्षणिक पद स्वीकृत।
कैबिनेट के इन फैसलों से बिहार में परिवहन, ऊर्जा, कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्र में नई परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है।
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ब्यूरो हेड महुआ न्यूज़
बिहार /झारखण्ड