पटना: बिहार की राजनीति में एक और दिलचस्प अध्याय जुड़ गया है। जिस देवेश कुमार ने उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश का मंत्री पद बचाने के लिए अपनी MLC की कुर्सी छोड़ दी थी, उसी को अब इनाम मिल गया है। बीजेपी ने उन्हें बिहार राज्य योजना बोर्ड का उपाध्यक्ष बना दिया है। और इस पद को कैबिनेट मंत्री का दर्जा हासिल है।
कहानी कुछ ऐसी है — दीपक प्रकाश के मंत्री पद पर सुप्रीम कोर्ट में खतरा मंडरा रहा था। विधानमंडल की सदस्यता न होने से पद जा सकता था। ऐसे में देवेश कुमार आगे आए और अपनी MLC सीट ‘कुर्बान’ कर दी। सवर्ण समाज, खासकर भूमिहारों में इस फैसले से नाराजगी भी जताई गई थी।
अब पार्टी ने हिसाब बराबर कर दिया है। सोमवार को देवेश कुमार को योजना बोर्ड का उपाध्यक्ष बना दिया गया। तीन साल या अगले आदेश तक यह पद उनके पास रहेगा। देवेश कुमार ने प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह, नितिन नवीन और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का आभार भी जताया।
पत्रकार से नेता बने देवेश कुमार पहले भाजपा के प्रवक्ता, उपाध्यक्ष और महासचिव रह चुके हैं। फिलहाल मिजोरम में पार्टी के प्रभारी भी हैं।
कुल मिलाकर समीकरण साफ है — बेटे की कुर्सी बचाने वाले को कैबिनेट जैसा दर्जा, और पार्टी का संदेश भी पहुंच गया कि ‘कुर्बानी’ बेकार नहीं जाती। बिहार की राजनीति में अब ये भी एक नया फॉर्मूला बन गया है।
ये खबर भी पढ़े: बगहा में जमीन कब्जे के लिए महिला को तालिबानी अंदाज में पीटा, पुलिस पर भी टूट पड़ी भीड़!