पटना: केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को मिली कथित जान से मारने की धमकी ने सुरक्षा तंत्र में हलचल बढ़ा दी है। मंगलवार को सामने आए एक बिना हस्ताक्षर वाले धमकी भरे पत्र में उनकी जान को खतरा बताया गया। पत्र में दो मोबाइल नंबरों का भी उल्लेख है। मामले को गंभीरता से लेते हुए चिराग पासवान के कार्यालय ने केंद्रीय गृह सचिव को पत्र भेजकर तत्काल जांच और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग की है।
एक पत्र ने बढ़ाई सुरक्षा की चिंता
चिराग पासवान के अतिरिक्त निजी सचिव की ओर से भेजे गए पत्र में धमकी भरे संदेश की प्रामाणिकता, स्रोत और इसके पीछे की मंशा की गहन जांच कराने का आग्रह किया गया है। साथ ही मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर जरूरत पड़ने पर उसे बढ़ाने की मांग भी की गई है।
धमकी में आतंकियों का जिक्र, लेकिन साजिश की पुष्टि नहीं
पत्र में कथित तौर पर आतंकवादियों द्वारा चिराग पासवान को निशाना बनाए जाने की बात कही गई है। हालांकि, अभी तक किसी आतंकी संगठन या व्यक्ति की संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियां पत्र की सत्यता, उसमें दर्ज मोबाइल नंबरों और इसके स्रोत की पड़ताल करेंगी।
पहले से Z श्रेणी की सुरक्षा
चिराग पासवान को पहले से गृह मंत्रालय की ओर से Z श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है। ताजा धमकी के बाद उनकी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग की गई है।
फिलहाल इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि धमकी के पीछे कौन है और पत्र कितना वास्तविक है। जांच पूरी होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।
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