पटना: पहले सुरक्षा को लेकर चिंता जताई, फिर तीन दिन बाद धमकी भरे फोन का दावा—तेजप्रताप यादव का मामला अब चर्चा में है। जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेजप्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि उन्हें फोन कर जान से मारने की धमकी दी गई और वीडियो वायरल करने की बात कहकर पैसे मांगने की कोशिश की गई।
तेजप्रताप के मुताबिक, 2 सितंबर की दोपहर उन्हें एक मोबाइल नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को मीडिया हाउस से जुड़ा बताया। इसके बाद कथित तौर पर धमकी और ब्लैकमेलिंग की कोशिश की गई।
मामले को गंभीर बताते हुए तेजप्रताप ने सरकार और प्रशासन से फोन नंबर की तत्काल जांच कराने, कॉल करने वाले की पहचान करने और कानून के मुताबिक कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि कथित तौर पर पार्टी से जुड़े अन्य लोगों को भी फोन कर परेशान किया जा रहा है।
पहले सुरक्षा, फिर धमकी का दावा
इस पूरे मामले में खास बात यह है कि 30 अगस्त को ही तेजप्रताप ने अपनी सुरक्षा बढ़ाने की मांग की थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा था कि सुरक्षा पर्याप्त नहीं होने के कारण सार्वजनिक कार्यक्रमों में खुलकर भाग लेने में परेशानी हो रही है।
तेजप्रताप ने अपने आवास के बाहर दो लोगों के पकड़े जाने और बाद में उनके परिजनों के पहुंचने की घटना का भी जिक्र किया था।
अब धमकी भरे कॉल के दावे के बाद उनकी सुरक्षा को लेकर सवाल फिर चर्चा में आ गए हैं। हालांकि, कॉल करने वाले की पहचान और लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
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