लखीसराय: गंगा नदी के जलस्तर में कमी आने के बीच लखीसराय जिला प्रशासन ने आम लोगों के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाढ़ का पानी घटने का मतलब खतरा पूरी तरह खत्म होना नहीं है। पानी कम होने के दौरान नदी और अन्य जलस्रोतों का बहाव कई जगह तेज और खतरनाक हो सकता है।
जल संसाधन विभाग के बाढ़ नियंत्रण संभाग से प्राप्त सूचना के आधार पर जिला प्रशासन ने नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन के मुताबिक, तेज बहाव की स्थिति में पानी की वास्तविक गहराई और धारा की ताकत का अनुमान लगाना मुश्किल हो सकता है, जिससे हादसे का खतरा बढ़ जाता है।
पानी घट रहा है, लेकिन लापरवाही पड़ सकती है भारी
बाढ़ के दौरान लोग अक्सर पानी का स्तर कम होते ही नदी, नहर या तालाब के आसपास जाने लगते हैं। प्रशासन ने ऐसी लापरवाही से बचने की सलाह दी है। खासकर तेज बहाव वाले पानी के किनारे जाने या पानी में उतरने से लोगों को बचना चाहिए।
हाल के दिनों में बिहार में गंगा समेत कई नदियों के जलस्तर में कमी की खबरें सामने आई हैं, लेकिन कई इलाके अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं।
बच्चों और बुजुर्गों पर विशेष नजर
जिला प्रशासन ने अभिभावकों से बच्चों को नदी, नहर, तालाब और दूसरे जलस्रोतों से दूर रखने की अपील की है। बुजुर्गों को भी पानी के आसपास अकेले नहीं जाने देने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी, नहर, तालाब या किसी भी तेज बहाव वाले जलस्रोत में जाने अथवा तैरने का प्रयास न करें। बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन पहले से ही राहत-बचाव और निगरानी की व्यवस्था कर रहा है।
प्रशासन का साफ संदेश—सावधानी ही सुरक्षा
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बाढ़ का पानी कम होने के बावजूद कुछ समय तक अतिरिक्त सतर्कता बरतें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।
थोड़ी सी सावधानी बड़े हादसे को टाल सकती है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और आपदा से जुड़ी जानकारी के लिए प्रशासन के आधिकारिक माध्यमों पर भरोसा करें। लखीसराय जिला प्रशासन की वेबसाइट पर जिला नियंत्रण कक्ष के नंबर 06346-232124/232190 और 9431071977 उपलब्ध हैं।
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