पटना: बिना टिकट या अनियमित टिकट के साथ ट्रेन में सफर करने वालों पर दानापुर मंडल ने एक बार फिर शिकंजा कसा है। 8 सितंबर 2026 को देर रात तक चले विशेष टिकट जांच अभियान में मंडल के प्रमुख स्टेशनों और महत्वपूर्ण ट्रेनों में व्यापक जांच की गई। अभियान के दौरान कुल 2066 यात्रियों को बिना टिकट या अनियमित टिकट के साथ पकड़ा गया, जिनसे किराया और जुर्माने के रूप में 18 लाख 40 हजार 910 रुपये की राशि वसूली गई।
यह विशेष अभियान वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक अभिनव सिद्धार्थ के नेतृत्व में चलाया गया। इसके लिए विशेष टिकट जांच दलों का गठन किया गया था, जिन्होंने अलग-अलग स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों के टिकटों की जांच की।
बक्सर में ‘लाल गाड़ी’ अभियान ने पकड़ी रफ्तार
अभियान का खास फोकस बक्सर स्टेशन पर रहा, जहां ‘लाल गाड़ी’ विशेष टिकट जांच अभियान चलाया गया। यहां 405 बिना टिकट एवं अनियमित टिकट वाले यात्री पकड़े गए। इनसे किराया और जुर्माना मिलाकर 2 लाख 76 हजार 745 रुपये वसूले गए।
दानापुर मंडल की ओर से बताया गया कि टिकट जांच का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि यात्रियों में वैध टिकट लेकर यात्रा करने की आदत और रेल नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है।
18.40 लाख का राजस्व, टिकट लेने वालों की संख्या बढ़ी
पूरे मंडल में हुई कार्रवाई में 2066 यात्रियों से 18.40 लाख रुपये से अधिक की वसूली के बाद रेलवे ने दावा किया कि अभियान का असर टिकट बिक्री पर भी दिखाई दिया। स्टेशनों के टिकट काउंटरों पर टिकट खरीदने वाले यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई।
रेलवे के अनुसार, नियमित टिकट जांच से यात्रियों में नियमों के पालन की भावना मजबूत होती है और वैध टिकट लेकर यात्रा करने के प्रति जागरूकता बढ़ती है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
दानापुर मंडल ने स्पष्ट किया है कि बिना टिकट यात्रा पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए इस तरह के सघन और विशेष टिकट जांच अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
रेल प्रशासन का संदेश साफ है—ट्रेन में सफर करना है तो वैध टिकट के साथ ही यात्रा करें, ताकि यात्रा सुरक्षित, व्यवस्थित और परेशानी से मुक्त रहे।
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