बगहा: रामनगर के दुर्गम दोन क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश एक बार फिर सामने आया है। जंगल और नदी के बीच बसे दोन क्षेत्र के 22 गांवों में सड़क, बिजली, मोबाइल नेटवर्क और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को लेकर ग्रामीणों ने मंगलवार शाम अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया।
ग्रामीण नदी की बीच धारा में खड़े होकर केंद्रीय कोयला एवं खनन राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे, बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंदकिशोर राम और सांसद सुनील कुमार के ‘लापता’ होने का बैनर लेकर प्रदर्शन करते नजर आए। ग्रामीणों ने सरकार और जनप्रतिनिधियों से वर्षों पुरानी समस्याओं का स्थायी समाधान करने की मांग की।
बारिश में टापू बन जाता है पूरा क्षेत्र
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की सुविधा नहीं होने के कारण बरसात के मौसम में दोन क्षेत्र के गांवों का संपर्क बेहद मुश्किल हो जाता है। कई इलाकों में आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है और पूरा क्षेत्र लगभग टापू में तब्दील हो जाता है।
ग्रामीणों के मुताबिक, किसी व्यक्ति के बीमार पड़ने या अन्य आपात स्थिति में एंबुलेंस तक पहुंचाना चुनौती बन जाता है। स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण लोगों को इलाज के लिए दूर जाना पड़ता है।
नदी पार कर स्कूल जाने को मजबूर बच्चे
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क और पुल की सुविधा नहीं होने का सबसे ज्यादा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ता है। कई बच्चों को स्कूल जाने के लिए नदी की धारा पार करनी पड़ती है। बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने से यह रास्ता और जोखिम भरा हो जाता है।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि आजादी के 75 वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी दोन क्षेत्र के 22 गांवों के लोग सड़क, बिजली, मोबाइल नेटवर्क और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं से आखिर कब तक वंचित रहेंगे।
विधानसभा चुनाव में किया था वोट बहिष्कार
ग्रामीणों के अनुसार, बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान भी दोन क्षेत्र के 22 गांवों के लोगों ने मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर वोट बहिष्कार किया था। ग्रामीणों का दावा है कि चुनाव के बाद भी उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस पहल नहीं हुई।
इसके बाद ग्रामीण अलग-अलग तरीकों से आंदोलन कर अपनी मांगों को सरकार और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। नदी की धारा में उतरकर किया गया मंगलवार का प्रदर्शन भी इसी विरोध का हिस्सा बताया जा रहा है।
सड़क, बिजली और नेटवर्क की मांग
ग्रामीणों ने सरकार से क्षेत्र में स्थायी सड़क और पुल की व्यवस्था करने, बिजली और मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध कराने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि केवल आश्वासन से उनकी समस्या दूर नहीं होगी, बल्कि धरातल पर काम शुरू होना चाहिए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है।
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