मुजफ्फरपुर/नई दिल्ली: न्यू ईयर पार्टी में जश्न के बीच चली गोली ने एक जान ले ली थी, और अब उसी मामले में 7 साल बाद अदालत का फैसला सामने आया है। साहेबगंज से भाजपा विधायक राजू सिंह को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने गैर इरादतन हत्या का दोषी मानते हुए 4 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा देने का भी आदेश दिया है।
इस सजा के साथ ही राजू सिंह की विधायकी जाना तय माना जा रहा है। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत दो साल या उससे अधिक की सजा मिलने पर सदस्यता तत्काल प्रभाव से खत्म हो जाती है।
यह मामला 31 दिसंबर 2018 का है, जब दिल्ली के फतेहपुर बेरी स्थित एक फार्महाउस में न्यू ईयर पार्टी के दौरान हर्ष फायरिंग हुई थी। इसी दौरान डांस फ्लोर पर मौजूद आर्किटेक्ट डॉ. अर्चना गुप्ता को गोली लग गई थी। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि भीड़भाड़ वाले आयोजनों में फायरिंग करना गंभीर लापरवाही है और यह एक सामाजिक अभिशाप बन चुका है, जिससे निर्दोष लोगों की जान जाती है। कोर्ट ने माना कि आरोपी को इस बात का अंदाजा होना चाहिए था कि ऐसी हरकत जानलेवा हो सकती है।
सुनवाई के दौरान राजू सिंह ने अदालत से नरमी बरतने की अपील की और कहा कि उनका किसी को नुकसान पहुंचाने का इरादा नहीं था। उन्होंने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। हालांकि, अदालत ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए सजा सुनाई।
जांच में यह भी सामने आया था कि घटना के बाद मौके से सबूत मिटाने की कोशिश की गई थी। पुलिस ने मामले में कई गवाहों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर केस मजबूत किया।
करीब सात साल बाद आए इस फैसले को हर्ष फायरिंग जैसे मामलों में सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है कि जश्न के नाम पर की गई लापरवाही भी कानून की नजर में अपराध है।
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