पटना: उत्तराखंड और बिहार के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब गंगा के जलस्तर पर साफ दिखाई देने लगा है। बिहार के कई जिलों में गंगा का पानी तेजी से बढ़ रहा है। राजधानी पटना में गंगा का पानी घाटों से निकलकर सड़क तक पहुंच गया है, जबकि मुंगेर में प्रसिद्ध शक्तिपीठ चंडिका स्थान के गर्भगृह में पानी प्रवेश कर गया है। बक्सर में भी गंगा का जलस्तर वॉर्निंग लेवल के करीब पहुंच गया है।
इधर, मौसम विज्ञान केंद्र ने शनिवार को बिहार के 28 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें 10 जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट है, जबकि 18 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। कुछ स्थानों पर तेज हवा और वज्रपात की भी आशंका जताई गई है।
पटना में गंगा का पानी सड़कों तक पहुंचा
पटना में गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर महावीर घाट समेत कई इलाकों में देखने को मिल रहा है। महावीर घाट पर गंगा का पानी सड़क तक पहुंच गया है। गांधी घाट पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 20 सेंटीमीटर ऊपर बताया गया है।
गांधी घाट पर खतरे का निशान 48.60 मीटर और दीघा में 50.45 मीटर है। गांधी घाट और कृष्णा घाट के आसपास भी पानी लगातार बढ़ रहा है। घाटों के बीच आने-जाने वाले रास्तों पर भी पानी फैल गया है।
बांस घाट की बाउंड्री वॉल तक भी गंगा का पानी पहुंच गया है। जिस स्थान पर समग्र उद्यान पार्क का निर्माण प्रस्तावित है, वह इलाका भी पानी में डूब गया है।
मुंगेर में चंडिका स्थान के गर्भगृह में पहुंचा पानी
मुंगेर में गंगा का जलस्तर बढ़ने से प्रसिद्ध शक्तिपीठ चंडिका स्थान भी जलमग्न हो गया है। मंदिर के गर्भगृह तक गंगा का पानी पहुंच गया है, जबकि मंदिर तक जाने वाला रास्ता भी पानी में डूब गया है।
स्थानीय मान्यता के अनुसार, हर साल गंगा का पानी चंडिका स्थान तक पहुंचना मां चंडिका और मां गंगा के मिलन से जोड़ा जाता है। श्रद्धालु इसे धार्मिक आस्था से देखते हैं।
बक्सर में वॉर्निंग लेवल के करीब गंगा
बक्सर में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, नदी का जलस्तर करीब एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है और यह 59.32 मीटर के वॉर्निंग लेवल के करीब पहुंच चुका है।
जलस्तर बढ़ने से चौसा, चक्की, सिमरी, बक्सर और ब्रह्मपुर के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। रामरेखा घाट का विवाह मंडप भी गंगा के पानी में डूब गया है।
जिलाधिकारी साहिला ने रामरेखा घाट पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को बाढ़ एवं कटाव की स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया। प्रशासन ने लोगों से गंगा नदी के किनारे जाने से बचने की अपील की है।
बेगूसराय में अंतिम संस्कार के लिए नाव का सहारा
बेगूसराय के तेघड़ा प्रखंड स्थित अयोध्या गंगा घाट पर भी पानी लगातार बढ़ रहा है। घाट के डूब जाने से अंतिम संस्कार करने आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
पूजा-पाठ और गंगा आरती पर भी असर
पटना में गंगा के बढ़ते जलस्तर से घाटों पर होने वाली पूजा-पाठ और गंगा आरती भी प्रभावित हुई है। भद्र घाट से जुड़े लोगों के मुताबिक, पानी बढ़ने के कारण धार्मिक गतिविधियों के लिए उपलब्ध स्थान लगातार कम हो रहा है। कंगन घाट तक भी पानी पहुंचने की बात सामने आई है।
गंगा किनारे बसे लोगों में भी जलस्तर बढ़ने को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोग लगातार नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं।
28 जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बिहार में मानसून अभी सक्रिय है। शनिवार को राज्य के 28 जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इनमें 10 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि 18 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
कुछ इलाकों में करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। कई स्थानों पर वज्रपात की आशंका भी जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले सात दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है।
रोहतास में सबसे ज्यादा 41 मिमी बारिश
पिछले 24 घंटे के दौरान रोहतास में सबसे ज्यादा 41 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद किशनगंज में 26 मिमी, अररिया में 18 मिमी, गोपालगंज में 13 मिमी और समस्तीपुर में 6.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
हालांकि, पूरे बिहार में अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार राज्य में अब तक करीब 41 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है। इस अवधि में 690.9 मिमी बारिश की अपेक्षा थी, जबकि 410.7 मिमी बारिश हुई है।
अगले कुछ दिनों तक बदला रहेगा मौसम
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक मानसूनी गतिविधियों के सक्रिय रहने के कारण अगले कुछ दिनों तक बिहार में बारिश की संभावना बनी रहेगी। कुछ इलाकों में कम समय में तेज बारिश हो सकती है, जबकि अन्य स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। पटना में भी अगले कुछ दिनों तक मौसम बदला रहेगा और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर और मौसम विभाग के अलर्ट के बीच नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। प्रशासन भी संवेदनशील इलाकों में स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
ये खबर भी पढ़े: Bihar: कोचिंग से घर लौटीं तीन छात्राओं की बिगड़ी तबीयत, दो की मौत; तीसरी गंभीर!