शेखपुरा: दिल्ली में INDIA गठबंधन के शीर्ष नेताओं को हिरासत में लिए जाने की आंच अब बिहार के जिलों तक पहुंच गई है। लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार की रक्षा तथा मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के विरोध में मंगलवार को शेखपुरा जिला कांग्रेस कमेटी ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश उपाध्यक्ष जितेंद्र नाथ पटेल के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने शहर के दल्लू चौक से चांदनी चौक तक विरोध मार्च निकाला और चुनाव आयोग के खिलाफ हुंकार भरी।
यह विरोध मार्च 6 अक्टूबर को नई दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के खिलाफ विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन के बाद आयोजित किया गया। दिल्ली में पुलिस द्वारा राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित कई नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में शेखपुरा के कार्यकर्ता आक्रोशित दिखे और उन्होंने जमकर नारेबाजी की।
चांदनी चौक पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष जितेंद्र नाथ पटेल ने कहा कि लोकतंत्र में नागरिकों का मताधिकार सबसे बुनियादी अधिकार है। यदि किसी पात्र नागरिक का नाम सूची से बिना उचित कारण के हटाया जाता है, तो यह केवल एक व्यक्ति का नुकसान नहीं बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर हमला है। राहुल गांधी इसी मताधिकार की रक्षा के लिए दिल्ली में सत्याग्रह कर रहे हैं और उनके साथ अन्य जनप्रतिनिधियों को हिरासत में लिया जाना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।
उन्होंने SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश भर में ड्राफ्ट मतदाता सूचियों से करोड़ों नाम गायब होने की रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं। कई परिवारों में शिकायतें मिल रही हैं कि एक ही घर के कुछ सदस्यों के नाम सूची में मौजूद हैं जबकि अन्य पात्र सदस्यों के नाम हटा दिए गए हैं। उन्होंने मांग की कि ऐसे सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और हटाए गए पात्र मतदाताओं के नाम तुरंत वापस जोड़े जाएं।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए। जितेंद्र नाथ पटेल ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों पर चुनाव आयोग को स्पष्ट और पारदर्शी जवाब देना चाहिए। हालांकि, दूसरी ओर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार का कहना है कि पुनरीक्षण प्रक्रिया का मकसद किसी राजनीतिक भेदभाव के बिना मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाना है।
इस विरोध मार्च में जिला अध्यक्ष आनंदी कुमार यादव, विपिन चौरसिया, प्रमोद यादव, दानी प्रसाद, आमिर राज मंडल, संजय सिंह, पिंटू कुमार, गौतम साह, चुनूं साव, अफसर खान और गोल्डन खां सहित भारी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल रहे। कार्यकर्ताओं ने “वोट का अधिकार सुरक्षित करो” और “मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो” जैसे गगनभेदी नारों के साथ अंबेडकर चौक पर अपना प्रदर्शन समाप्त किया।
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