पूर्णिया : पूर्णिया में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पूर्णिया सांसद पप्पू यादव एक बार फिर अपने तीखे बयानों को लेकर सुर्खियों में आ गए। पूर्णिया कोर्ट स्टेशन परिसर में एटीएम टिकट मशीन और महिला-पुरुष प्रतीक्षालय के उद्घाटन के मौके पर उन्होंने प्रशासनिक और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए।
सांसद पप्पू यादव ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में कई स्तरों पर भ्रष्टाचार व्याप्त है और लगभग 90% प्रिंसिपल एवं अधीक्षक भ्रष्टाचार में लिप्त बताए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ मामलों में कार्रवाई होने पर भी संस्थागत स्तर पर “संरक्षण की कोशिशें” देखी जाती हैं, जिससे व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं।
इस दौरान उन्होंने Indian Medical Association (IMA) पर भी निशाना साधते हुए कहा कि संगठन कुछ मामलों में ऐसे अधिकारियों का बचाव करता दिखाई देता है, जो उनकी मानसिकता को दर्शाता है। उनके इस बयान के बाद चिकित्सा समुदाय और राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रिया की संभावना जताई जा रही है।
भरत तिवारी एनकाउंटर पर बयान से नया विवाद
भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर भी पप्पू यादव ने तीखी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार समेत कई राज्यों में जाति आधारित राजनीति हावी हो रही है और कुछ मामलों में चुनिंदा समुदायों को निशाना बनाए जाने जैसी बातें सामने आती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में मौजूदा सरकार के कार्यकाल में कई एनकाउंटर हुए हैं और इन सभी मामलों की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। उनके इस बयान ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया की संभावना
पप्पू यादव के इन बयानों के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों की ओर से प्रतिक्रिया आने की संभावना है, क्योंकि एनकाउंटर और जातीय टिप्पणी जैसे मुद्दे पहले से ही संवेदनशील माने जाते हैं।
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