औरंगाबाद: बिहार के औरंगाबाद जिले में शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। बारूण प्रखंड स्थित राजकीय केशव उच्च विद्यालय के एक शिक्षक को छात्र से जुड़े दस्तावेज देने के एवज में रिश्वत मांगना महंगा पड़ गया। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance) की टीम ने शिक्षक को 10 हजार रुपये घूस लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार शिक्षक की पहचान विद्यालय के शिक्षक सह स्टूडेंट को-ऑर्डिनेटर शशिभूषण कुमार के रूप में हुई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक महिला की मैट्रिक मार्कशीट और स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (SLC) उपलब्ध कराने के बदले 10 हजार रुपये की मांग की थी।
जानकारी के अनुसार, बारूण प्रखंड के मखरा गांव निवासी एक व्यक्ति अपनी पत्नी कंचन कुमारी की मार्कशीट और एसएलसी लेने विद्यालय पहुंचे थे। आरोप है कि शिक्षक उन्हें कई दिनों तक टालते रहे और बाद में दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए रिश्वत की मांग कर दी।
रिश्वत की मांग से परेशान शिकायतकर्ता ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से संपर्क कर पूरी जानकारी दी। शिकायत मिलने के बाद विभाग ने मामले का सत्यापन कराया। जांच में आरोप सही पाए जाने पर शिक्षक को पकड़ने के लिए विशेष टीम गठित की गई।
गुरुवार को डीएसपी ऋषिता स्नेह के नेतृत्व में निगरानी टीम बारूण पहुंची और स्कूल परिसर में जाल बिछाया। पूर्व निर्धारित योजना के तहत शिकायतकर्ता ने शिक्षक को 10 हजार रुपये दिए। जैसे ही शिक्षक ने रकम अपने हाथ में ली, पहले से मौजूद निगरानी टीम ने उन्हें रंगेहाथ दबोच लिया।
कार्रवाई के बाद आरोपी शिक्षक को हिरासत में लेकर पटना ले जाया गया। निगरानी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।
इस कार्रवाई में डीएसपी ऋषिता स्नेह के अलावा इंस्पेक्टर अमन आनंद, सब इंस्पेक्टर राहुल कुमार, आशीष कुमार चौबे, राकेश कुमार समेत कई अधिकारी शामिल थे। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो अब मामले में आगे की जांच कर रहा है।
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