पटना: बिहार की राजधानी पटना में सोमवार को छात्र, किसान, मजदूर और विभिन्न जनसंगठनों के अलग-अलग प्रदर्शनों के कारण कई प्रमुख इलाकों में तनाव की स्थिति बनी रही। इसी दौरान बिहार यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BUHS) से जुड़े नर्सिंग छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। जेपी गोलंबर और डाकबंगला इलाके में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बनी, जिसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस की ओर पथराव किए जाने का दावा किया गया। इसी दौरान पटना की SP कोमल मीणा के हेलमेट पर पत्थर लगने की बात सामने आई। हेलमेट पहने होने के कारण उन्हें गंभीर चोट नहीं लगी।
बैरिकेडिंग टूटी, डाकबंगला तक पहुंचा प्रदर्शन
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए जेपी गोलंबर और डाकबंगला चौराहे पर बैरिकेडिंग की गई थी। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की और कुछ जगहों पर उसे तोड़कर आगे बढ़ गए। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पानी की बौछार की।
डाकबंगला चौराहे पर भी प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। यहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। घटनाक्रम के बीच कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की भी सूचना है।
लाठीचार्ज में छात्रों के घायल होने का दावा
प्रदर्शन के दौरान पुलिस की ओर से लाठीचार्ज किए जाने की बात सामने आई है। प्रदर्शनकारी पक्ष की ओर से चार छात्रों के घायल होने का दावा किया गया है। एक छात्रा के बेहोश होकर गिरने की भी सूचना है।
वहीं, प्रदर्शन के दौरान एक छात्रा द्वारा महिला पुलिसकर्मी के हाथ में दांत काटने की घटना का भी दावा किया गया है। पुलिस ने छात्रा को हिरासत में लेने की कोशिश की, जिसके दौरान दोनों के बीच खींचतान हुई।
राष्ट्रगान गाने लगे प्रदर्शनकारी
पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश के दौरान कुछ नर्सिंग छात्रों ने राष्ट्रगान गाना शुरू कर दिया। इससे मौके पर कुछ देर के लिए अलग तरह का माहौल बन गया।
नर्सिंग छात्रों की प्रमुख मांगों में बिहार यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज में स्थायी कुलपति की नियुक्ति और शैक्षणिक सत्र को नियमित करना शामिल है। छात्रों की ओर से परीक्षा और रिजल्ट से जुड़े मुद्दे भी उठाए जा रहे हैं।
पप्पू यादव भी प्रदर्शन में पहुंचे
पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भी नर्सिंग छात्रों के प्रदर्शन में शामिल हुए। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, वे छात्रों के साथ जेपी गोलंबर पहुंचे और प्रदर्शन के दौरान उन्हें बैरिकेडिंग पार नहीं करने के लिए रोकते हुए भी देखा गया।
किसान-मजदूर संगठनों का भी आक्रोश मार्च
इसी दिन गांधी मैदान से किसान, खेत मजदूर, श्रमिक, छात्र और विभिन्न जनसंगठनों का अलग आक्रोश मार्च निकला। इन संगठनों ने महंगाई, बेरोजगारी, पलायन, कृषि संकट, भूमि अधिग्रहण, बाढ़-सूखा और रोजगार जैसे मुद्दे उठाए।
मार्च के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग वाले पोस्टर भी दिखाए। यह मांग प्रदर्शनकारी संगठनों की राजनीतिक मांग के रूप में सामने आई।
पटना की सड़कों पर कई मुद्दों का प्रदर्शन
सोमवार का प्रदर्शन किसी एक मुद्दे तक सीमित नहीं रहा। एक तरफ BUHS के छात्र परीक्षा, परिणाम और स्थायी कुलपति की मांग को लेकर सड़क पर उतरे, तो दूसरी तरफ किसान-मजदूर संगठनों ने आर्थिक और भूमि संबंधी मुद्दों पर मार्च किया।
प्रदर्शनों के कारण जेपी गोलंबर, डाकबंगला और आसपास के इलाकों में पुलिस की भारी तैनाती करनी पड़ी। प्रशासन की प्राथमिकता प्रदर्शनकारियों को निर्धारित मार्ग से आगे बढ़ने से रोकना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना रही।
फिलहाल पटना में प्रदर्शन, पुलिस कार्रवाई और छात्रों की मांगों को लेकर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है।
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