कटिहार। बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा को लेकर कथित सेटिंग और फर्जीवाड़े के नेटवर्क की जांच तेज हो गई है। कटिहार पुलिस ने कुर्सेला थाना क्षेत्र के महेशपुर इलाके से सॉल्वर गैंग के दो संदिग्ध सदस्यों को गिरफ्तार किया है। दोनों की भूमिका हाल में हुई बिहार पुलिस सिपाही भर्ती और मद्य निषेध विभाग की भर्ती परीक्षा से जुड़ी होने की आशंका जताई जा रही है।
कटिहार एसपी परिचय कुमार के अनुसार, दोनों संदिग्धों की गिरफ्तारी वाहन जांच के दौरान हुई। पुलिस को देखकर बाइक सवार दोनों युवक भागने लगे, जिसके बाद पुलिस ने पीछा कर उन्हें पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पूर्णिया निवासी सोनू कुमार और साहिल कुमार के रूप में हुई है।
तलाशी के दौरान पुलिस को बड़ी संख्या में संदिग्ध दस्तावेज मिले। आरोपियों के पास से 100 से अधिक मैट्रिक के मूल प्रमाण पत्र, कई अभ्यर्थियों के ओरिजिनल दस्तावेज, अलग-अलग बैंकों के ब्लैंक चेक, स्टांप पेपर, छह जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन और सिपाही भर्ती परीक्षा के एडमिट कार्ड बरामद किए गए हैं।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी पटना निवासी सुजीत और पूर्णिया के मिथुन कुमार व संजय कुमार के साथ मिलकर भर्ती परीक्षाओं में सेटिंग कराने का नेटवर्क चला रहे थे। आरोप है कि अभ्यर्थियों से पुलिस भर्ती में चयन कराने के नाम पर करीब 10-10 लाख रुपये तक की डील की जाती थी।
एसपी ने बताया कि जांच के दौरान पूर्णिया के दो अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। इनमें से एक के पुलिस विभाग से जुड़े होने की बात सामने आई है, हालांकि इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने कितने अभ्यर्थियों से संपर्क किया, कितनी रकम की वसूली की और क्या वास्तव में किसी भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी कराई गई या नहीं।
एसपी परिचय कुमार ने कहा कि बरामद दस्तावेजों और पूछताछ के आधार पर मामले की गहन जांच की जा रही है। जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
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