बेगूसराय: बेगूसराय की सियासी फिज़ा उस वक्त गरमा गई जब केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर विपक्ष पर जोरदार शब्दबाण चलाए। अपने तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचे गिरिराज सिंह ने अखिलेश यादव, कपिल सिब्बल और दिग्विजय सिंह पर सीधा निशाना साधते हुए उन्हें “नकली सनातनी” और “बगुला भगत” कहा।
गिरिराज सिंह के बयान के बाद राजनीतिक माहौल अचानक और तीखा हो गया, जहां बयान सिर्फ राजनीतिक आलोचना नहीं बल्कि तीखी जुबानी जंग में बदलते नजर आए।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने कभी राम के अस्तित्व और राम सेतु पर सवाल उठाए, वही अब सनातन की बात कर रहे हैं। उन्होंने इसे “राजनीतिक अवसरवाद” करार देते हुए कहा कि जनता सब देख रही है।
उन्होंने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि अगर हिम्मत है तो मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि को लेकर भी खुलकर अपनी स्थिति रखें। उनके इस बयान को राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस की शुरुआत माना जा रहा है।
ओवैसी और वक्फ बोर्ड पर टिप्पणी करते हुए गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ लोग देश की व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं और “सोची-समझी रणनीति” के तहत काम हो रहा है।
दिग्विजय सिंह पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने पहले राम मंदिर का विरोध किया और अब उसी मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि “राम की आस्था के साथ किसी भी तरह का समझौता संभव नहीं है।”
स्थानीय स्तर पर यह बयान अब चर्चा का विषय बन गया है, जहां समर्थक इसे “स्पष्ट और सख्त रुख” बता रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे “भड़काऊ राजनीति” करार दे रहा है।
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