गया: बिहार के गया जिले के आमस प्रखंड स्थित भूपनगर गांव का एक परिवार इन दिनों अपने अनोखे नामों की वजह से चर्चा में है। इस परिवार के सदस्यों के नाम सुनकर लोग पहले चौंक जाते हैं और फिर मुस्कुराने लगते हैं। परिवार में किसी का नाम विदेशी है तो किसी का परदेशी, अंग्रेज, कांग्रेस और पंजाबी।
सबसे दिलचस्प बात यह है कि ये नाम सिर्फ लोगों की जुबान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आधार कार्ड, राशन कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेजों में भी आधिकारिक रूप से दर्ज हैं।
गांव में चर्चा का विषय बना परिवार
ग्रामीण इलाकों में अक्सर पारंपरिक नाम सुनने को मिलते हैं, लेकिन भूपनगर गांव का यह परिवार अपनी अलग पहचान रखता है। परिवार के सदस्यों के नाम देश, विदेश, प्रदेश, राजनीतिक दल और भाषाई पहचान से जुड़े हुए हैं। यही वजह है कि जहां भी इनका परिचय होता है, वहां लोगों की उत्सुकता बढ़ जाती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, कई बार इन नामों को लेकर मजाक भी होता है, लेकिन परिवार के सदस्य इसे सहजता से लेते हैं। उनका कहना है कि अगर उनके नाम से किसी के चेहरे पर मुस्कान आती है तो उन्हें खुशी होती है।
मजदूरी कर चलाता है परिवार का गुजारा
चर्चा में रहने वाला यह परिवार आर्थिक रूप से बेहद साधारण है और मजदूरी कर अपना जीवनयापन करता है। बावजूद इसके, इनके अनोखे नामों ने पूरे इलाके में इन्हें एक अलग पहचान दिला दी है।
आज सोशल मीडिया के दौर में यह परिवार लोगों के बीच जिज्ञासा का विषय बना हुआ है। गांव आने वाले लोग भी इनके नाम सुनकर हैरान रह जाते हैं और इनके बारे में अधिक जानने की कोशिश करते हैं।
यह परिवार इस बात का उदाहरण है कि कभी-कभी एक नाम भी किसी व्यक्ति या परिवार को समाज में अलग पहचान दिला सकता है।
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