पटना: बिहार बंद के दौरान हुए उपद्रव मामले में जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजप्रताप यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पटना पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेजा गया है। इसी बीच उनकी ओर से अदालत में जमानत याचिका भी दाखिल कर दी गई है।
अब अदालत में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई होने की संभावना है। वहीं पुलिस पूरे मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
जेल में सीने में दर्द की शिकायत
जानकारी के अनुसार न्यायिक हिरासत के दौरान तेजप्रताप यादव ने सीने में दर्द की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें मेडिकल ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। डॉक्टरों की निगरानी में उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
वकील ने गिरफ्तारी पर उठाए सवाल
तेजप्रताप यादव की अधिवक्ता निशा सिंह ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें जेल में रखना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना FIR के गिरफ्तारी की गई और कार्रवाई में लापरवाही बरती गई।
वकील ने कहा कि तेजप्रताप के खिलाफ लगाए गए दंगा भड़काने जैसे आरोपों पर भी सवाल हैं। उनका दावा है कि तेजप्रताप यादव मौके से गुजर रहे थे और लोगों के आग्रह पर कुछ देर रुके थे।
12 से अधिक धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस के अनुसार बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा और उपद्रव को लेकर पटना के गांधी मैदान थाना में तेजप्रताप यादव के खिलाफ 12 से अधिक धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
उन पर हत्या के प्रयास, दंगा भड़काने, सरकारी कार्य में बाधा और अन्य गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी के बाद तेजप्रताप यादव को न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
मामले को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है और सभी की नजर अदालत की सुनवाई पर टिकी है।
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