पटना: बिहार में स्टेट हाईवे और प्रमुख पुलों पर टोल टैक्स दोबारा लागू करने के फैसले ने सियासत में आग लगा दी है। सरकार की नई ‘बिहार सड़क उपयोगकर्ता शुल्क 2026’ नीति को जहां विकास के नाम पर जरूरी कदम बताया जा रहा है, वहीं विपक्ष ने इसे सीधे जनता पर आर्थिक हमला करार दिया है।
कांग्रेस ने इस फैसले को लेकर एनडीए सरकार पर करारा वार करते हुए कहा है कि बिहार अब “टैक्स की प्रयोगशाला” बनता जा रहा है। कांग्रेस प्रवक्ता ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि सरकार ने जनता के लिए जीना मुश्किल कर दिया है और अब सफर करना भी लग्जरी बनता जा रहा है।
कांग्रेस का आरोप है कि सरकार हर दिशा में वसूली मॉडल चला रही है और आम लोगों की जेब लगातार खाली कराई जा रही है। प्रवक्ता ने कहा कि “सरकार का एहसान मानना चाहिए कि अभी तक सिर्फ ऑक्सीजन पर टैक्स नहीं लगाया गया है।”
विपक्ष ने 2018 में टोल टैक्स खत्म करने के फैसले को याद दिलाते हुए कहा कि अब उसी जनता को फिर से टोल गेट पर खड़ा कर दिया गया है। कांग्रेस का कहना है कि यह फैसला गरीब, किसान और मध्यम वर्ग सभी के लिए बोझ साबित होगा।
दूसरी तरफ सरकार का दावा है कि यह कदम सड़क और पुलों के रखरखाव और राज्य की आय बढ़ाने के लिए जरूरी है, लेकिन विपक्ष इसे “बहाना” बताकर खारिज कर रहा है।
फिलहाल यह मामला बिहार की राजनीति में नया टकराव बन चुका है, जहां एक तरफ सरकार विकास का दावा कर रही है तो दूसरी तरफ कांग्रेस इसे सीधा “जनता पर आर्थिक हमला” बता रही है।
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ब्यूरो हेड महुआ न्यूज़
बिहार /झारखण्ड