देवघर: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले की तीसरी सोमवारी पर बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। नाग पंचमी और मनसा पूजा के संयोग ने इस बार आस्था का उत्साह और बढ़ा दिया है। सोमवार सुबह से ही बाबा मंदिर में जलार्पण के लिए भक्तों की लंबी कतार लगी हुई है। कांवरियों की लाइन नंदन पहाड़ से आगे बढ़कर कुमैठा तक पहुंच गई, जिसकी लंबाई करीब 10 किलोमीटर बताई जा रही है।
सोमवार तड़के 3 बजे बाबा बैद्यनाथ मंदिर का पट खोला गया। इसके बाद सरदार पंडा गुलाब नंद झा ने परंपरा के अनुसार सरकारी पूजा संपन्न कराई। सरकारी पूजा के बाद सुबह 4:15 बजे आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के द्वार खोल दिए गए। तब से लगातार बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण का सिलसिला जारी है।
रविवार रात से ही बड़ी संख्या में कांवरिया देवघर पहुंचने लगे थे। सोमवार सुबह तक पूरा बाबाधाम ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से गूंजता रहा। शिवगंगा में स्नान के बाद श्रद्धालुओं को निर्धारित रूट लाइन से मंदिर की ओर भेजा जा रहा है। मानसरोवर फुटओवर ब्रिज और विभिन्न मार्गों से होते हुए श्रद्धालु कतारबद्ध होकर बाबा के दर्शन और जलार्पण के लिए आगे बढ़ रहे हैं।
प्रशासन पूरी तरह अलर्ट
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। उपायुक्त सौरभ भुमानिया और पुलिस अधीक्षक प्रवीन पुष्कर लगातार मेला क्षेत्र, रूट लाइन और प्रमुख स्थलों का निरीक्षण कर रहे हैं। भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, चिकित्सा सुविधा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विशेष नजर रखी जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि लंबी कतार के बावजूद श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए लगातार निगरानी की जा रही है। रूट लाइन में अतिरिक्त पुलिस बल और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है।
नाग पंचमी से बढ़ा धार्मिक महत्व
इस वर्ष तीसरी सोमवारी के दिन नाग पंचमी का पर्व पड़ने से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। शिव पूजा में नागों का विशेष महत्व माना जाता है। वहीं झारखंड के कई क्षेत्रों में मनसा पूजा भी श्रद्धापूर्वक मनाई जा रही है। इन धार्मिक संयोगों के कारण बाबाधाम में श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक देखी जा रही है।
केसरिया वस्त्रों में सजे कांवरियों और शिवभक्तों के जयकारों से पूरा देवघर भक्तिमय वातावरण में डूबा हुआ है। लंबी कतार और घंटों इंतजार के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही है।
ये खबर भी पढ़े: Jharkhand: रामगढ़ में हाथियों का तांडव, दो महिलाओं को कुचलकर मार डाला, गांव में दहशत!