मुजफ्फरपुर: बिहार में शराबबंदी के बीच शराब तस्करी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें तस्करों ने शराब की खेप छिपाने के लिए दवाइयों और सिरिंज को सामने रखा था। मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र स्थित संगम घाट के पास उत्पाद विभाग की टीम ने जांच के दौरान एक संदिग्ध कंटेनर से करीब 250 कार्टन विदेशी शराब बरामद की। मामले में राजस्थान निवासी कंटेनर चालक अशोक कुमार को गिरफ्तार किया गया है।
बाहर दवाइयां, अंदर छिपी थी शराब
उत्पाद विभाग के अनुसार, कंटेनर की शुरुआती तलाशी में अरिस्टो कंपनी की दवाइयों और सिरिंज के कार्टन दिखाई दिए। बाहर से देखने पर ऐसा लग रहा था कि वाहन में सिर्फ मेडिकल सामान लदा है। चालक ने भी टीम को दवाइयों की खेप दरभंगा ले जाने की बात बताई।
लेकिन गहन तलाशी के दौरान दवाइयों के कार्टनों के पीछे छिपाकर रखी गई विदेशी शराब की बड़ी खेप सामने आ गई।
शराब छिपाने के लिए बनाया था लोहे का फ्रेम
जांच में उत्पाद विभाग को कंटेनर के अंदर शराब छिपाने का अलग इंतजाम मिला। शराब को बीच के हिस्से में रखा गया था और उसके चारों तरफ दवाइयों के कार्टन लगाए गए थे। इसके साथ ही लोहे का विशेष फ्रेम भी तैयार किया गया था, जिसके बाहर मेडिकल सामान के कार्टन रखे गए थे।
राजस्थान से दरभंगा जा रही थी खेप
उत्पाद विभाग को सूचना मिली थी कि राजस्थान से कंटेनर के जरिए शराब की बड़ी खेप मुजफ्फरपुर के रास्ते दरभंगा ले जाई जा रही है। इसी सूचना के आधार पर संगम घाट के पास वाहन जांच शुरू की गई थी।
संदिग्ध कंटेनर के रुकते ही टीम ने उसकी तलाशी ली और मेडिकल सामान की आड़ में छिपाई गई शराब बरामद कर ली।
चालक गिरफ्तार, अब मालिक तक पहुंचने की कोशिश
कंटेनर और बरामद शराब को जब्त कर उत्पाद थाना लाया गया है। पूछताछ में चालक अशोक कुमार ने बताया कि उसे वाहन मालिक की ओर से दवाइयों की खेप लेकर दरभंगा जाने की जानकारी दी गई थी।
हालांकि, उत्पाद विभाग अब चालक के बयान की जांच के साथ कंटेनर मालिक और शराब की खेप से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका खंगाल रहा है। शराब कहां से लोड हुई और इसे बिहार में किसे पहुंचाया जाना था, इसकी भी जांच की जा रही है।
तस्करी के नए तरीके ने बढ़ाई चुनौती
इस कार्रवाई ने यह भी दिखाया है कि शराब तस्करी में शामिल लोग वाहनों में सामान छिपाने के लिए अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं। मेडिकल सामान की आड़ में इतनी बड़ी खेप ले जाने की कोशिश ने जांच एजेंसियों की चुनौती को भी सामने रखा है।
उत्पाद विभाग के अनुसार मामले में प्राथमिकी दर्ज कर चालक को न्यायिक प्रक्रिया के तहत भेजने की कार्रवाई की जा रही है, जबकि तस्करी के पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।
ये खबर भी पढ़े: भागलपुर-दानापुर एक्सप्रेस में मोबाइल चोर की शामत; खिड़की से लटकता रहा युवक, वायरल वीडियो ने मचाया हड़कंप!