गोपालगंज: गोपालगंज के एक परिवार के लिए रविवार का दिन किसी त्योहार से कम नहीं रहा। दुबई में कानूनी परेशानी में फंसे जिले के युवक वसीम अकरम आखिरकार अपने वतन लौट आए हैं। कई महीनों के इंतजार, बेबसी और दुआओं के बाद बेटे की घर वापसी से परिवार में खुशी का माहौल है।
वतन लौटते ही वसीम सबसे पहले गोपालगंज के सांसद डॉ. आलोक कुमार सुमन से मिलने पहुंचे। इस दौरान सांसद ने उन्हें गले लगाकर स्वागत किया, मिठाई खिलाई और उनकी सकुशल वापसी पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक परिवार नहीं, बल्कि पूरे जिले के लिए खुशी का पल है।
जानकारी के अनुसार, वसीम अकरम रोजगार की तलाश में गोपालगंज के थावे प्रखंड स्थित इंदरवा रफी गांव से दुबई गए थे। इसी दौरान 6 मार्च को दुबई पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। आरोप था कि उन्होंने संवेदनशील क्षेत्र का वीडियो बना लिया था। मामला अदालत तक पहुंचा और उन्हें 10 साल की सजा सुनाई गई।
जैसे ही यह खबर गांव पहुंची, परिवार गहरे सदमे में आ गया। परिजनों ने बेटे की रिहाई के लिए जनप्रतिनिधियों से मदद की गुहार लगाई। इसी क्रम में सांसद डॉ. आलोक कुमार सुमन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विदेश मंत्रालय से संपर्क किया।
सांसद की पहल पर भारत सरकार, विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावास और दुबई प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित किया गया। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आखिरकार वसीम की रिहाई का रास्ता साफ हुआ और उन्हें सुरक्षित भारत भेजा गया।
सांसद डॉ. आलोक कुमार सुमन ने कहा कि जैसे ही उन्हें इस मामले की जानकारी मिली, उन्होंने हर संभव प्रयास शुरू कर दिए थे ताकि वसीम को जल्द से जल्द उनके परिवार तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने इसे सामूहिक प्रयास और विश्वास की जीत बताया।
वहीं, वसीम अकरम ने भी अपनी वापसी पर सांसद, भारत सरकार और संबंधित अधिकारियों का आभार जताया। उन्होंने बताया कि जेल में बिताए दिन बेहद कठिन थे, लेकिन उन्हें भरोसा था कि उनका देश उन्हें अकेला नहीं छोड़ेगा।
वसीम की घर वापसी से पूरे गांव में खुशी का माहौल है। यह कहानी न केवल एक परिवार की खुशियों की वापसी है, बल्कि यह भी दिखाती है कि समय पर पहल और समन्वय से विदेश में फंसे भारतीय नागरिकों की मदद संभव है।
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