लखीसराय (बिहार): लखीसराय में एक कथित ऑडियो को लेकर सियासी पारा अचानक चढ़ गया है। इस ऑडियो में जिले के ड्रग इंस्पेक्टर और बिहार सरकार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा के बीच बातचीत होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इस ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसके सार्वजनिक होते ही राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के जिला कार्यकारिणी सदस्य रजनीश कुमार ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीर बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर ऑडियो में लगाए जा रहे आरोप सही हैं, तो यह न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर भी गंभीर संदेह पैदा करता है।
रजनीश कुमार ने आरोप लगाया कि यदि किसी अधिकारी पर दबाव डालने या रिश्वत से जुड़े संकेत मिलते हैं, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरनाक संकेत है। उन्होंने साफ कहा कि सरकारी अधिकारियों को स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से काम करने दिया जाना चाहिए, न कि किसी राजनीतिक हस्तक्षेप के दबाव में।
हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि सिर्फ एक अपुष्ट ऑडियो के आधार पर किसी को दोषी ठहराना उचित नहीं है। कानून के तहत हर व्यक्ति को निष्पक्ष जांच और सुनवाई का अधिकार है। इसलिए उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि किसी स्वतंत्र एजेंसी से इस पूरे मामले की पारदर्शी जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।
इस कथित ऑडियो ने लखीसराय की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। विपक्ष इस मुद्दे को बड़ा बनाकर सरकार को घेरने की तैयारी में है, वहीं सत्ताधारी पक्ष की ओर से अब तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है। ऐसे में यह मामला “आरोप बनाम जवाब” की सियासत में बदलता जा रहा है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह ऑडियो सच है या सियासी हथियार? इसका जवाब अब जांच के बाद ही सामने आएगा, लेकिन इतना तय है कि इस विवाद ने जिले की राजनीति को गर्मा दिया है। हालाँकि इस खबर की महुआ न्यूज़ पुष्टि नही करता है।
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