पटना: बिहार के घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए आने वाले कुछ दिन बेहद अहम हैं। गैस कनेक्शन का ई-केवाईसी पूरा नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को 16 अगस्त के बाद परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। तेल कंपनियों ने उपभोक्ताओं से निर्धारित समय सीमा के भीतर आधार आधारित ई-केवाईसी पूरा कराने की अपील की है।
राज्य में बड़ी संख्या में घरेलू और उज्ज्वला योजना के लाभुकों का ई-केवाईसी अभी लंबित बताया जा रहा है। ऐसे उपभोक्ताओं के लिए सबसे बड़ी चिंता गैस सब्सिडी को लेकर है। ई-केवाईसी नहीं होने की स्थिति में सब्सिडी का लाभ प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा घरेलू दर पर गैस सिलेंडर मिलने में भी परेशानी आने की आशंका जताई गई है।
गैस एजेंसी जाने की जरूरत नहीं
ई-केवाईसी कराने के लिए हर उपभोक्ता को गैस एजेंसी के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। तेल कंपनियों की ओर से घर बैठे ई-केवाईसी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। संबंधित कंपनी के मोबाइल अनुप्रयोग के माध्यम से भी सत्यापन किया जा सकता है। इसके अलावा गैस वितरक या गैस सिलेंडर पहुंचाने वाले कर्मी के माध्यम से भी ई-केवाईसी कराने की सुविधा बताई गई है।
उज्ज्वला लाभुकों के लिए भी जरूरी
उज्ज्वला योजना के लाभुकों के लिए ई-केवाईसी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। सब्सिडी का लाभ लेने वाले उपभोक्ताओं को अपने गैस कनेक्शन का सत्यापन समय पर पूरा कराना होगा। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर भी ई-केवाईसी से जुड़ी जानकारी उपलब्ध है।
क्यों कराया जा रहा है ई-केवाईसी?
ई-केवाईसी के माध्यम से गैस कनेक्शनधारक की पहचान और कनेक्शन से जुड़ी जानकारी का सत्यापन किया जा रहा है। इससे एक ही व्यक्ति के नाम पर चल रहे संदिग्ध या गलत तरीके से संचालित कनेक्शनों की पहचान करने में भी मदद मिल सकती है।
गैस वितरण व्यवस्था में वास्तविक उपभोक्ताओं का सही आंकड़ा तैयार करना भी इस प्रक्रिया का अहम उद्देश्य माना जा रहा है। इसी कारण तेल कंपनियां लंबित ई-केवाईसी वाले उपभोक्ताओं को लगातार सत्यापन पूरा करने के लिए संदेश भेज रही हैं।
16 अगस्त की तारीख क्यों महत्वपूर्ण?
16 अगस्त की समय सीमा नजदीक आने के साथ ही गैस उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ गई है। जिन लोगों ने अब तक ई-केवाईसी नहीं कराया है, उन्हें समय रहते यह प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए। निर्धारित समय के बाद ई-केवाईसी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को घरेलू दर पर सिलेंडर मिलने में परेशानी हो सकती है और सब्सिडी का लाभ भी प्रभावित होने की आशंका है।
हालांकि, अलग-अलग उपभोक्ताओं पर लागू वास्तविक कार्रवाई उनके गैस कनेक्शन और तेल कंपनी के नियमों पर निर्भर कर सकती है। इसलिए उपभोक्ताओं के लिए सबसे सुरक्षित रास्ता यही है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना अपना ई-केवाईसी पूरा कर लें।
लाखों परिवारों पर पड़ेगा असर
बिहार में घरेलू गैस का इस्तेमाल करने वाले परिवारों की संख्या काफी अधिक है। ऐसे में ई-केवाईसी की अंतिम तिथि का असर बड़ी आबादी पर पड़ सकता है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले उपभोक्ताओं के लिए समय रहते सत्यापन पूरा करना जरूरी है, ताकि बाद में गैस सिलेंडर या सब्सिडी को लेकर किसी तरह की परेशानी न हो।
उपभोक्ताओं के लिए सीधा संदेश
अगर आपके घर में घरेलू गैस कनेक्शन है और अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराया गया है, तो इसे टालना ठीक नहीं होगा। 16 अगस्त की समय सीमा से पहले सत्यापन पूरा कराना उपभोक्ताओं के हित में है। इससे गैस कनेक्शन की पहचान संबंधी जानकारी भी अद्यतन रहेगी और सब्सिडी अथवा घरेलू दर पर सिलेंडर मिलने में संभावित परेशानी से बचा जा सकेगा।
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