सहरसा: भगवान विष्णु को समर्पित अनंत चतुर्दशी का पर्व इस वर्ष 25 सितंबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाए जाने वाले इस पर्व का सनातन धर्म में विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा-अर्चना, व्रत और कथा श्रवण करेंगे। पंचांग संबंधी स्रोत भी 25 सितंबर 2026 को अनंत चतुर्दशी और गणेश विसर्जन का दिन बताते हैं।
ब्रज किशोर ज्योतिष संस्थान एवं फाउंडेशन, डॉ. रहमान चौक, सहरसा के संस्थापक एवं मिथिला क्षेत्र के ज्योतिषाचार्य पंडित तरुण झा ने बताया कि अनंत चतुर्दशी भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की आराधना से जुड़ा कल्याणकारी व्रत है। उन्होंने बताया कि स्कंद पुराण, ब्रह्म पुराण और भविष्यादि पुराणों में भी भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को अनंत चतुर्दशी व्रत किए जाने का उल्लेख मिलता है।
अनंत सूत्र धारण करने की परंपरा
पंडित तरुण झा के अनुसार अनंत चतुर्दशी के दिन श्रद्धालु भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना कर कथा का श्रवण करते हैं। पूजा के बाद भगवान विष्णु के प्रतीक पवित्र अनंत सूत्र को हाथ में धारण करने की परंपरा है। श्रद्धालु इस दिन भगवान नारायण का स्मरण, कीर्तन और नाम जाप करते हैं।
उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को इस दिन श्रद्धा और आस्था के साथ भगवान विष्णु की आराधना करनी चाहिए। पूजा के बाद प्रसाद ग्रहण करने, भगवान विष्णु की कथा सुनने और उनके नाम का स्मरण करने का भी धार्मिक महत्व बताया गया है।
अनंत चतुर्दशी पर गणेश पूजा का समापन
अनंत चतुर्दशी के दिन गणेशोत्सव का भी समापन होगा। पंडित तरुण झा ने बताया कि 14 सितंबर से शुरू हुए गणेशोत्सव के बाद 25 सितंबर को भगवान गणेश की प्रतिमाओं का विधि-विधान के साथ विसर्जन किया जाएगा। इसके साथ ही गणेश पूजा का समापन हो जाएगा। 2026 में गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को और अनंत चतुर्दशी पर विसर्जन 25 सितंबर को होने की पुष्टि पंचांग स्रोतों में भी है।
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सहरसा से विकास कुमार की रिपोर्ट…