पटना: राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव इन दिनों अपने अलग अंदाज को लेकर चर्चा में हैं। भोजपुरी रियलिटी शो ‘भोजपुरी बवाल’ के नए प्रोमो में तेज प्रताप अपने पैतृक गांव फुलवरिया पहुंचे और पूरी तरह देसी रंग में नजर आए। कभी गांव की गलियों में साइकिल चलाते दिखे तो कभी गाय का दूध निकालते और खुद गन्ने का रस तैयार कर पीते नजर आए।
गांव की मिट्टी और पुराने माहौल के बीच तेज प्रताप का भावुक अंदाज भी सामने आया। घर से अलग रहने को लेकर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘जब विधाता ने यही लिखा है तो यही सही।’ उनके इस जवाब ने एक बार फिर उनके निजी जीवन को लेकर चर्चा तेज कर दी।
लालू जैसे दिखने पर बोले- हर बेटा पिता जैसा बनना चाहता है
प्रोमो में जब तेज प्रताप से उनके पिता लालू प्रसाद यादव की तरह दिखने की बात कही गई तो उन्होंने इसे खुशी की बात बताया। उन्होंने कहा कि हर बेटा चाहता है कि वह अपने पिता की तरह दिखे और उनकी तरह आगे बढ़े तथा नाम कमाए।
तेज प्रताप का यह भावुक अंदाज उनके राजनीतिक तेवरों से अलग दिखाई दिया। गांव में परिवार और बचपन की यादों से जुड़े माहौल के बीच वे काफी सहज नजर आए।
फुलवरिया में दिखा तेज प्रताप का देसी अंदाज
फुलवरिया पहुंचते ही तेज प्रताप के स्वागत के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। इस दौरान उन्होंने गांव की गलियों में साइकिल चलाई और अपने पुराने देसी अंदाज में लोगों से मुलाकात की।
इसके बाद उन्होंने गाय का दूध निकाला, पान खाया और खुद गन्ने का रस निकालकर उसका स्वाद लिया। प्रोमो में उनका अंदाज देखकर ऐसा लगा जैसे राजनीति की चकाचौंध से दूर वे कुछ समय के लिए गांव की जिंदगी में पूरी तरह रम गए हों।
भोजपुरी बवाल में काजल और आम्रपाली के बीच तकरार
‘भोजपुरी बवाल’ के दूसरे प्रोमो में भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री की चर्चित अभिनेत्रियों काजल राघवानी और आम्रपाली दुबे के बीच तकरार भी देखने को मिल रही है।
काजल राघवानी ने रानी चटर्जी से बातचीत के दौरान एक गाने से जुड़े विवाद का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक गाना पहले उनके ऊपर फिल्माया जा रहा था, लेकिन बाद में उसे दूसरी अभिनेत्री पर शिफ्ट कर दिया गया।
इसके बाद प्रोमो में आम्रपाली दुबे अपना पक्ष रखती नजर आती हैं। दोनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तीखी बातचीत का माहौल दिखाई देता है।
काजल बोलीं- मेरे पास कोई राजनेता नहीं, मैं अकेली चल रही हूं
प्रोमो में काजल राघवानी अपने संघर्ष का जिक्र करते हुए कहती नजर आती हैं कि उनके साथ कोई राजनेता या नेता नहीं है और वह अकेले आगे बढ़ रही हैं।
उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक नोट में खुद को बार-बार ‘आउटसाइडर’ कहे जाने पर भी नाराजगी जाहिर की। काजल ने कहा कि वह गुजराती हैं, लेकिन पिछले 16 वर्षों से भोजपुरी इंडस्ट्री में काम कर रही हैं और इस धरती को अपनी कर्मभूमि मानती हैं।
उन्होंने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि उन्हें सहानुभूति हासिल करने या ‘विक्टिम कार्ड’ खेलने वाली कलाकार के तौर पर पेश किया जाता है।
पवन सिंह पर भी लगाए थे गंभीर आरोप
काजल राघवानी इससे पहले भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह को लेकर भी एक प्रोमो में आरोप लगा चुकी हैं। उन्होंने दावा किया था कि एक फिल्म के सेट पर उनकी इच्छा के खिलाफ किसिंग सीन कराया गया और विरोध करने के बाद पवन सिंह सेट से चले गए।
काजल ने यह भी कहा था कि उन्होंने सभी की इज्जत की है, लेकिन हर व्यक्ति सम्मान के योग्य नहीं होता।
तेज प्रताप और भोजपुरी विवाद ने बढ़ाई शो की चर्चा
‘भोजपुरी बवाल’ के नए प्रोमो में एक तरफ तेज प्रताप यादव का भावुक और देसी अंदाज देखने को मिल रहा है, तो दूसरी ओर भोजपुरी इंडस्ट्री से जुड़े विवाद भी सामने आ रहे हैं।
फुलवरिया की गलियों में साइकिल चलाते तेज प्रताप, गाय का दूध निकालते और गन्ने का रस तैयार करते नजर आए। वहीं पिता लालू प्रसाद यादव को लेकर उनका भावुक बयान लोगों का ध्यान खींच रहा है। इसी के साथ काजल राघवानी और आम्रपाली दुबे के बीच दिखाई गई तकरार ने भी शो को लेकर उत्सुकता बढ़ा दी है।