पटना: पटना यूनिवर्सिटी का दीक्षांत समारोह शनिवार को पटना विमेंस कॉलेज के वेरोनिका ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। समारोह में एक ओर जहां सैकड़ों विद्यार्थियों के लिए उपलब्धि और सम्मान का दिन रहा, वहीं ग्रुप फोटो को लेकर छात्रों के विरोध के बाद कार्यक्रम में अचानक हंगामा हो गया। मामला इतना बढ़ा कि राज्यपाल सह कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन कार्यक्रम के बीच से ही बाहर निकल गए।
समारोह में पीजी सत्र 2023-25 के 38 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। इनमें 28 छात्राएं और 10 छात्र शामिल रहे। इसके अलावा कुल 1,305 पीजी विद्यार्थियों और 155 पीएचडी शोधार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं।
राज्यपाल के सामने छात्रों का हंगामा
समारोह में गोल्ड मेडलिस्ट विद्यार्थियों को सम्मानित किए जाने के बाद अलग-अलग विभागों के विद्यार्थियों का ग्रुप फोटो कराया जा रहा था। इसी दौरान मास कम्यूनिकेशन विभाग के विद्यार्थियों ने उन्हें भी मंच पर बुलाकर सम्मानित करने और राज्यपाल के साथ ग्रुप फोटो कराने की मांग रखी।
मांग पूरी नहीं होने पर कुछ छात्र नाराज हो गए और कार्यक्रम स्थल पर विरोध शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, राज्यपाल की मौजूदगी में ही छात्रों ने हंगामा किया। स्थिति को देखते हुए राज्यपाल कार्यक्रम के बीच से ही वहां से निकल गए।
इस घटनाक्रम से कुछ देर के लिए समारोह का माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालांकि समारोह में डिग्री और मेडल वितरण का मुख्य कार्यक्रम संपन्न हुआ।
38 विद्यार्थियों को मिला गोल्ड मेडल
दीक्षांत समारोह में पीजी सत्र 2023-25 के 38 मेधावी विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल प्रदान किया गया। इनमें 28 छात्राएं और 10 छात्र शामिल हैं। मेडल मिलने के बाद विद्यार्थियों और उनके परिजनों में उत्साह का माहौल रहा।
इसके साथ ही विश्वविद्यालय के कुल 1,305 पीजी विद्यार्थियों को उनकी डिग्री प्रदान की गई। वहीं 155 पीएचडी शोधार्थियों को भी शोध उपाधि से सम्मानित किया गया।
फिजिक्स साइंटिस्ट प्रो. पूनम टंडन बनीं विशिष्ट अतिथि
समारोह में दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए शिक्षा, शोध और भविष्य की जिम्मेदारियों को लेकर प्रेरित किया।
प्रो. पूनम टंडन भौतिकी की जानी-मानी वैज्ञानिक और प्रोफेसर हैं। उन्होंने खास तौर पर स्पेक्ट्रोस्कोपी के क्षेत्र में शोध किया है। उनके नाम 250 से अधिक शोध पत्र और 32 से ज्यादा पुस्तकों के अध्याय प्रकाशित होने की जानकारी दी गई।
उनके शोध कार्यों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 4,000 से अधिक साइटेशन मिल चुके हैं। उन्होंने कई विद्यार्थियों को पीएचडी और शोध कार्यों में मार्गदर्शन भी दिया है।
कई अंतरराष्ट्रीय फेलोशिप और पुरस्कार
प्रो. पूनम टंडन को फुलब्राइट-नेहरू, अलेक्जेंडर वॉन हम्बोल्ट (जर्मनी), जेएसपीएस (जापान), सीएनआरएस (फ्रांस) और आईसीटीपी जैसी प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय फेलोशिप मिल चुकी हैं। इसके अलावा उन्हें यूजीसी रिसर्च अवॉर्ड और मिड-कैरियर अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया है।
उपलब्धि के बीच विवाद ने खींचा ध्यान
पटना यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों के लिए दीक्षांत समारोह जहां डिग्री, मेडल और शोध उपाधि हासिल करने का महत्वपूर्ण अवसर था, वहीं मास कम्यूनिकेशन विभाग के छात्रों के विरोध ने कार्यक्रम को अचानक सुर्खियों में ला दिया।
एक तरफ 38 विद्यार्थियों के गोल्ड मेडल, 1,305 पीजी डिग्री और 155 पीएचडी उपाधियों के साथ समारोह ने उपलब्धियों का जश्न मनाया, तो दूसरी तरफ ग्रुप फोटो को लेकर हुआ विरोध पूरे कार्यक्रम का सबसे चर्चित घटनाक्रम बन गया।
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