खूंटी: खूंटी जिले के अड़की प्रखंड में मानसून की पहली तेज बारिश ने ही बुनियादी ढांचे की पोल खोल दी। शनिवार रात हुई मूसलधार बारिश में तिनतिला पंचायत के चातोमहुटुब और बगड़ी के टोला टोडांगडीह के बीच स्थित पुलिया तेज बहाव में बह गई, जिससे आधा दर्जन से अधिक गांवों का प्रखंड और जिला मुख्यालय से सीधा संपर्क टूट गया है।
पुलिया ध्वस्त होने के बाद ग्रामीणों को अब लंबा चक्कर लगाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। पंचायत के मुखिया लक्ष्मण मुंडा के अनुसार, प्रखंड मुख्यालय पहुंचने के लिए अब बगड़ी और बीरबांकी होकर जाना पड़ रहा है, जिससे करीब 20 से 25 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। वहीं जिला मुख्यालय जाने के लिए डोल्डा, केवड़ा और मुरहू मार्ग से होकर जाना पड़ रहा है, जिससे 10 से 15 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर बढ़ गया है।
बताया जा रहा है कि यह पुलिया करीब चार साल पहले ही बनाई गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के दौरान पुलिया के दोनों ओर गार्डवाल नहीं बनाया गया था, जिसके कारण पहली ही तेज बारिश में यह बह गई और संपर्क मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया। यह रास्ता सोयको जाने का सबसे आसान और सीधा मार्ग माना जाता था।
पुलिया टूटने से चातोमहुटुब, लंपाडीह, लोसोदईकीर, मेदसोबे, काड़ाकासोम, बगड़ी और टोडांगडीह समेत कई गांवों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। लोगों को रोजमर्रा के काम, बाजार जाने, बच्चों की पढ़ाई और मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सोयको क्षेत्र का साप्ताहिक बाजार ग्रामीणों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जहां वे जरूरी सामान खरीदते और अपने कृषि उत्पाद बेचते हैं। संपर्क टूटने से किसानों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
घटना के बाद पुलिया के निर्माण को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। संबंधित विभागों के अधिकारियों से पूछने पर किसी ने भी इसे अपनी परियोजना मानने की पुष्टि नहीं की। ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी धर्मेंद्र किशोर सिंह ने कहा कि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि पुलिया का निर्माण किस विभाग द्वारा कराया गया था। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द नई पुलिया के निर्माण की मांग की है ताकि आवागमन सामान्य हो सके।
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