रांची: झारखंड के साहिबगंज में सामने आए करीब 1000 करोड़ रुपये के पत्थर खनन और परिवहन घोटाले की जांच में अब बड़ा मोड़ आ गया है। ईडी और सीबीआई की कार्रवाई के बाद अब राज्य के लोकायुक्त ने भी इस मामले में हस्तक्षेप किया है।
लोकायुक्त ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए जिला खनन पदाधिकारी (डीएमओ) को नोटिस जारी किया है। उन्हें अगली सुनवाई में उपस्थित होकर पूरे मामले की विस्तृत और तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया गया है। इस मामले की अगली सुनवाई अगस्त में निर्धारित की गई है।
शिकायत के आधार पर हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई संजय पांडेय नामक व्यक्ति की शिकायत के बाद की गई है। शिकायत में साहिबगंज जिले के कई क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अवैध खनन और परिवहन जारी रहने का आरोप लगाया गया है।
बताया गया है कि मारीकुटी, बाकुडी, बिंदेरी बंदरकोला, नींबू पहाड़, मिर्जाचौकी, करमटोला और महाराजपुर जैसे इलाकों में केंद्रीय एजेंसियों की छापेमारी के बावजूद पत्थर माफिया सक्रिय हैं।
अवैध खनन और बिना चालान परिवहन के आरोप
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि इन क्षेत्रों में अवैध खनन, क्रशर संचालन और बिना चालान के पत्थरों का परिवहन लगातार जारी है।
लोकायुक्त की एंट्री के बाद अब इस मामले में जांच और तेज होने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस घोटाले से जुड़े और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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