बगहा: इस वक्त की बड़ी खबर पश्चिम चम्पारण जिले से सामने आ रही है, जहां दियारा के निचले इलाकों में बाढ़ ने तबाही मचा दी है। बगहा-2 प्रखंड के लक्ष्मीपुर रमपुरवा पंचायत अंतर्गत चकदहवा, झंडवा टोला और बीन टोली में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की है। बताया जा रहा है कि नेपाल के तराई क्षेत्रों में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण गंडक नदी समेत कई नदियां उफान पर हैं।
वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज से करीब 2 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। गंडक, मसान और रोहुआ नाला के उफान पर होने से बाढ़ का पानी तेजी से गांवों में फैल रहा है। झंडवा टोला के कई परिवार अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगहों की ओर पलायन करने को मजबूर हो गए हैं।
चकदहवा और आसपास के इलाकों में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, भारत-नेपाल सीमा के पास बसे इन गांवों में करीब 250 से 300 घर हैं, जो अब बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। गांव तक पहुंचने वाला कच्चा रास्ता पिछले तीन दिनों से 4-5 फीट पानी में डूबा हुआ है, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है।
बाढ़ प्रभावित लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। शीतला देवी नामक महिला ने बताया कि घरों में पानी घुसने से जलावन भीग गया है और राशन-অনाज भी खराब हो गया है। ऐसे में खाना बनाना भी मुश्किल हो गया है। कई परिवारों के पास एलपीजी गैस नहीं है, जिससे उन्हें भोजन के लिए दूसरे घरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक प्रशासन की कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची है, जिससे उनकी परेशानियां और बढ़ गई हैं। हालांकि, बगहा-2 के अंचलाधिकारी वसीम अकरम ने बताया कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जिला प्रशासन को इसकी सूचना दे दी गई है। उन्होंने कहा कि जैसे ही निर्देश मिलेंगे, राहत और बचाव कार्य शुरू किया जाएगा, जिसमें सामुदायिक रसोई की व्यवस्था भी शामिल है।
इस बीच, गंडक नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे आने वाले दिनों में बाढ़ की स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।
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