पटना: महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामले में बिहार कनेक्शन ने जांच एजेंसियों को भी चौंका दिया है। लंबे समय से फरार चल रहे पेपर लीक गिरोह के कथित मास्टरमाइंड बिजेंद्र कुमार गुप्ता को बिहार से गिरफ्तार कर लिया गया है। भिवंडी पुलिस की कार्रवाई के बाद उसे पुणे एयरपोर्ट लाया गया, जहां से आगे की पूछताछ के लिए महाराष्ट्र ले जाया जाएगा।
जांच में सामने आया है कि इस पूरे खेल की पटकथा पटना के एक फ्लैट में लिखी गई थी। पुलिस के मुताबिक, पिछले करीब 6 महीने से पेपर लीक की योजना बनाई जा रही थी और इसके लिए पटना में कई गुप्त बैठकें हुई थीं।
आगरा की प्रिंटिंग प्रेस से निकला प्रश्नपत्र!
मामले की जांच में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ है कि महाराष्ट्र TET का प्रश्नपत्र आगरा स्थित प्रिंटिंग प्रेस से बाहर निकाला गया था। पुलिस को शक है कि प्रिंटिंग प्रेस से जुड़े कुछ कर्मचारियों की मदद से प्रश्नपत्र हासिल किया गया और फिर उसे गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचाया गया।
पुलिस अब यूपी के उन लोगों की तलाश कर रही है, जिन पर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का आरोप है। साथ ही सोनीपत के कपिल दहिया की भी तलाश जारी है, जिसे गिरोह का अहम सदस्य बताया जा रहा है।
पटना बना था पेपर लीक नेटवर्क का कंट्रोल रूम
जांच एजेंसियों के अनुसार, पटना के पश्चिमी बोरिंग कैनाल रोड स्थित एक अपार्टमेंट में पेपर लीक नेटवर्क की कई बैठकें हुई थीं। यहीं से पूरे ऑपरेशन की रणनीति तैयार होने की बात सामने आई है।
इस मामले में पहले ही कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। बिजेंद्र की पत्नी सुमन गुप्ता को भी पटना के अगमकुआं इलाके से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का दावा है कि सुमन को पति की गतिविधियों की जानकारी थी और वह आर्थिक लेनदेन में भी शामिल हो सकती है।
पेपर लीक की कमाई से खरीदी संपत्ति!
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह ने पेपर लीक से अर्जित पैसे से दिल्ली में फ्लैट और पटना में संपत्ति खरीदी। इसके अलावा पटना के भूतनाथ रोड स्थित एक ब्यूटी स्टूडियो में भी बड़ी रकम लगाने की बात सामने आई है।
कार पर बाइक का नंबर, जांच में नया मोड़
गिरफ्तार आरोपियों के पास से प्रश्नपत्र के चार सेट, लाखों रुपये के चेक और एक कार बरामद की गई है। जांच में हैरान करने वाली बात सामने आई कि जिस कार का इस्तेमाल किया गया, उस पर पटना की एक बाइक का नंबर लगा हुआ था।
अब पुलिस उस बाइक मालिक और पूरे फर्जी नंबर प्लेट नेटवर्क की जांच कर रही है।
25 साल से परीक्षा माफिया के रूप में सक्रिय होने का दावा
पुलिस के अनुसार, बिजेंद्र कुमार करीब 25 साल से परीक्षा लीक नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। उसके खिलाफ बिहार समेत कई राज्यों में मामले दर्ज होने की बात सामने आई है। ओडिशा JEE पेपर लीक मामले में भी उसका नाम जांच में आया था।
बेटी के जन्मदिन पर आना था पटना, लेकिन पहुंच गई पुलिस
जांच के बीच एक दिलचस्प पहलू यह भी सामने आया है कि बिजेंद्र की छोटी बेटी का जन्मदिन मनाने के लिए पटना स्थित घर पर तैयारी चल रही थी। टेंट लग चुका था, लेकिन इससे पहले ही पुलिस कार्रवाई शुरू हो गई और परिवार को कार्यक्रम रद्द करना पड़ा।
फिलहाल महाराष्ट्र पुलिस बिजेंद्र से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि पेपर लीक का नेटवर्क कितने राज्यों तक फैला है और इसमें कितने लोग शामिल हैं।