मधेपुरा: मधेपुरा के मुरलीगंज में विकास कार्य लोगों के लिए सुविधा बनने के बजाय परेशानी का कारण बन गया है। मीरगंज रेलवे ढाला पर बन रहे रेलवे ओवरब्रिज को लेकर स्थानीय लोगों का गुस्सा आखिरकार सड़क पर फूट पड़ा। मुख्य सड़क बंद किए जाने और वैकल्पिक रास्ते की बदहाली से नाराज सैकड़ों ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।
लोगों का आरोप है कि रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के दौरान प्रशासन और संबंधित विभाग ने जनता की परेशानियों को नजरअंदाज कर दिया। सड़क तो बंद कर दी गई, लेकिन आवागमन के लिए ऐसा रास्ता दिया गया जो खुद लोगों के लिए खतरा बन गया है।
सड़क बंद, मुसीबत शुरू!
मुरलीगंज-मधेपुरा मुख्य मार्ग पर स्थित मीरगंज रेलवे ढाला पर ओवरब्रिज का निर्माण चल रहा है। निर्माण कार्य के चलते मुख्य सड़क को पूरी तरह बंद कर दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों, छात्रों, मरीजों के परिजनों और रोजाना सफर करने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वैकल्पिक मार्ग के नाम पर जिस रास्ते का इस्तेमाल कराया जा रहा है, वह जर्जर, संकरा और कीचड़ से भरा हुआ है। बारिश के दिनों में यह रास्ता और खतरनाक हो गया है। लोगों ने सवाल उठाया कि क्या विकास के नाम पर जनता को जोखिम भरे रास्तों पर चलने के लिए मजबूर किया जाएगा?
‘ओवरब्रिज चाहिए, लेकिन जनता की कीमत पर नहीं’
सड़क पर उतरे लोगों ने साफ कहा कि वे किसी भी विकास कार्य के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन बिना तैयारी के सड़क बंद करना प्रशासनिक लापरवाही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द सुरक्षित रास्ते की व्यवस्था नहीं की गई तो आंदोलन और बड़ा किया जाएगा।
प्रदर्शन के कारण मुरलीगंज-मधेपुरा मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। लोगों ने प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक मार्ग को दुरुस्त करने की मांग की।
अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
सड़क जाम की सूचना मिलते ही मुरलीगंज थाना अध्यक्ष सह प्रशिक्षु डीएसपी नुरुल हक और अंचलाधिकारी किसलय कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और जल्द समस्या समाधान का आश्वासन दिया।
काफी देर तक चले समझाने-बुझाने के बाद लोगों ने जाम समाप्त किया और यातायात बहाल हो सका। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि अब सिर्फ आश्वासन से काम नहीं चलेगा, उन्हें जमीन पर बदलाव चाहिए।
जनता का सवाल- विकास या परेशानी?
रेलवे ओवरब्रिज भविष्य में निश्चित तौर पर सुविधा बढ़ाएगा, लेकिन वर्तमान में वैकल्पिक रास्ते की बदहाली ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। अब निगाहें प्रशासन पर हैं कि वह कब तक अपने वादे को पूरा करता है।
स्थानीय लोगों ने साफ संदेश दे दिया है—“विकास का स्वागत है, लेकिन जनता को परेशानी में डालकर नहीं।
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