पटना। जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव की पार्टी की उम्मीदवार वीणा मानवी को 17 साल पुराने धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद कोर्ट से राहत मिल गई है। पटना के JMFC-9 कोर्ट ने सुनवाई के बाद वीणा मानवी को जमानत दे दी।
गांधी मैदान थाना पुलिस ने वीणा मानवी को पटना कलेक्ट्रेट परिसर से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें सीधे मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया और फिर कोर्ट में पेश किया गया।
2009 के मामले में जारी था लाल वारंट
जानकारी के अनुसार, वीणा मानवी के खिलाफ वर्ष 2009 में सिविल कोर्ट में परिवाद दायर किया गया था। कोर्ट कंप्लेन के आधार पर उनके खिलाफ लाल वारंट जारी किया गया था।
मामले में उन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 403 और 418 के तहत केस दर्ज किया गया था। कोर्ट की ओर से 26 फरवरी 2026 को गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था।
वकील ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
वीणा मानवी की वकील निशा सिंह ने कहा कि पुलिस ने अचानक कार्रवाई की और उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि वीणा के खिलाफ तीन मामले हैं, जिनकी जानकारी पहले ही दी जा चुकी है।
वकील का आरोप है कि गिरफ्तारी के बाद उन्हें सीधे मेडिकल के लिए ले जाया गया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने का मौका नहीं दिया गया।
अन्य मामलों में भी दर्ज हैं केस
बताया जा रहा है कि वीणा मानवी के खिलाफ कंकड़बाग थाने में वर्ष 2016 में फर्जीवाड़ा और ठगी से जुड़ा मामला दर्ज है। इसके अलावा दलित उत्पीड़न और साइबर अपराध से जुड़े मामलों का भी जिक्र किया गया है।
जमानत मिलने के बाद अब राजनीतिक गलियारों में इस मामले को लेकर बयानबाजी तेज होने की संभावना है।

ब्यूरो हेड महुआ न्यूज़
बिहार /झारखण्ड