रांची: झारखंड में उच्च और तकनीकी शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को शिक्षा व्यवस्था में बदलाव और युवाओं को रोजगार से जोड़ने वाली योजनाओं को तेजी से लागू करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगले 15 दिनों के अंदर झारखंड विश्वविद्यालय सेवा आयोग को पूरी तरह कार्यरत किया जाए, ताकि विश्वविद्यालयों में नियुक्ति प्रक्रिया को गति मिल सके।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के युवाओं को बदलते समय की जरूरतों के अनुसार तैयार करना जरूरी है। इसके लिए उच्च शिक्षा में आधुनिक तकनीक और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को प्राथमिकता दी जाए।
सरकार अब तकनीकी संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, टेक्सटाइल डिजाइन और लॉजिस्टिक्स जैसे नए कोर्स शुरू करने की तैयारी कर रही है। इसका उद्देश्य युवाओं को भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करना है।
मुख्यमंत्री ने गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों तक शिक्षा ऋण की सुविधा पहुंचाई जाए, ताकि आर्थिक परेशानी के कारण छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
बैठक में बीआईटी सिंदरी को यूनिटरी यूनिवर्सिटी के रूप में विकसित करने पर भी सहमति बनी। मुख्यमंत्री ने संस्थान को आधुनिक तकनीकी शिक्षा और शोध के केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
इसके अलावा राज्य के विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लाइव ऑनलाइन क्लास शुरू करने की योजना पर भी चर्चा हुई। शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय और बीबीएमके धनबाद से की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने राज्य के नौ जिलों में तकनीकी शिक्षा क्लस्टर विकसित करने और कोचिंग रेगुलेटरी अथॉरिटी को जल्द सक्रिय करने का भी निर्देश दिया।
सरकार का मानना है कि इन योजनाओं के लागू होने से झारखंड के युवाओं को आधुनिक शिक्षा के साथ रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। हालांकि, इन योजनाओं की सफलता अब इनके प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी।