पटना: बिहार की सियासत में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया है। राजद सांसद सुधाकर सिंह ने सोमवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सम्राट सरकार और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में सरकार नहीं, बल्कि कुछ अफसरों का एक समूह सिस्टम चला रहा है।
सुधाकर सिंह ने आरोप लगाया कि लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) में नल-जल योजना के मरम्मत कार्य से जुड़े करीब 3,500 करोड़ रुपये के टेंडर में नियमों की अनदेखी की गई है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच होनी चाहिए।
“मंत्रियों की फाइल तक नहीं पहुंचती”
राजद सांसद ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि बिहार में मंत्रियों की भूमिका कमजोर कर दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि फाइलों पर अंतिम फैसला कुछ अधिकारियों के स्तर पर हो रहा है और मंत्री केवल नाम के रह गए हैं।
उन्होंने कहा कि जिन कंपनियों पर पहले सवाल उठ चुके हैं, उन्हें दोबारा सरकारी काम दिए जाने से राज्य को नुकसान हो सकता है।
अफसरों के नेटवर्क का लगाया आरोप
सुधाकर सिंह ने आरोप लगाया कि रिशु श्री, संजीव हंस और आनंद किशोर से जुड़े एक नेटवर्क का प्रभाव अब भी कायम है। उन्होंने कहा कि भले ही कुछ लोगों पर कार्रवाई हुई हो, लेकिन व्यवस्था में बदलाव नहीं आया है।
हालांकि, ये सभी आरोप राजद सांसद के हैं और सरकार या संबंधित अधिकारियों की ओर से इन पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पुलिस और तबादले को लेकर भी घेरा
सुधाकर सिंह ने पंकज दराद के तबादले और पटना के बंटी कुमार हत्याकांड को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने कहा कि इन मामलों को लेकर वह जनहित याचिका दायर करने की तैयारी कर रहे हैं।

ब्यूरो हेड महुआ न्यूज़
बिहार /झारखण्ड