वैशाली: महाराष्ट्र में 28 जून को होने वाली टीईटी परीक्षा से 24 घंटे पहले पेपर लीक होने के मामले की जांच अब बिहार तक पहुंच गई है। इस मामले का तार वैशाली जिले से जुड़ने के बाद महाराष्ट्र एसटीएफ की टीम ने हाजीपुर में बड़ी कार्रवाई की है।
महाराष्ट्र एसटीएफ ने हाजीपुर कचहरी रोड स्थित क्विक डिजिटल साइबर कैफे पर देर रात छापेमारी की। यह कार्रवाई कई घंटों तक चली, जिसमें साइबर कैफे संचालक सोनू कुमार सहित तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। सभी से पूछताछ जारी है।
सूत्रों के अनुसार, सोनू कुमार वैशाली जिले के सहदेई क्षेत्र का निवासी है और वर्ष 2009 से हाजीपुर में साइबर कैफे चला रहा है। उसका संपर्क पेपर लीक कांड के कथित मास्टरमाइंड, समस्तीपुर निवासी बिजेंद्र गुप्ता से होने की बात भी सामने आई है।
जानकारी यह भी है कि गिरफ्तार आरोपी के छोटे भाई विकास की भी तलाश की जा रही है, जो पटना में रहकर साइबर कैफे संचालन से जुड़ा बताया जा रहा है।
छापेमारी के दौरान महाराष्ट्र एसटीएफ ने कई डिजिटल साक्ष्य भी बरामद किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। हालांकि टीम ने आधिकारिक तौर पर अधिक जानकारी साझा नहीं की है।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र टीईटी परीक्षा में 4 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, लेकिन परीक्षा से पहले पेपर लीक होने के बाद इसे रद्द कर दिया गया था। इसके बाद महाराष्ट्र एसटीएफ ने कई राज्यों में कार्रवाई तेज कर दी है और पहले भी बिहार व हरियाणा से कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
फिलहाल पूरे नेटवर्क की जांच जारी है और एसटीएफ यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर लीक का दायरा कितने राज्यों तक फैला हुआ है।
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