गिरिडीह: झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान के बीच पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। भाकपा (माओवादी) की एरिया कमेटी सदस्य और 15 नक्सली मामलों में वांछित अनिता किस्कू ने मंगलवार को गिरिडीह पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।
गिरिडीह पुलिस लाइन में एसपी डॉ. बिमल कुमार ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि अनिता किस्कू पारसनाथ जोन समेत कई इलाकों में संगठन के लिए सक्रिय थी। उसके खिलाफ मधुबन, गुवा, मुफस्सिल चाईबासा और टोन्टो थाना क्षेत्रों में आर्म्स एक्ट, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, सीएलए एक्ट और यूएपीए जैसी गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं।
संगठन से मोहभंग, पुलिस के सामने पहुंची
पुलिस के अनुसार करीब 30 वर्षीय अनिता किस्कू बोकारो जिले की रहने वाली है। वह पारसनाथ, लुगू पहाड़ी, झुमरा पहाड़ी और कोल्हान क्षेत्र में माओवादी संगठन के लिए काम कर चुकी है।
पुलिस का कहना है कि संगठन के अंदर कथित शोषण, लगातार पुलिस कार्रवाई और पति अजय महतो की गिरफ्तारी के बाद उसका माओवादी संगठन से मोहभंग हुआ। इसके बाद उसने गिरिडीह पुलिस से संपर्क कर आत्मसमर्पण की इच्छा जताई।
सरकार की ‘नई दिशा-एक नई पहल’ योजना का असर
पुलिस अधिकारियों ने उसे झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति की जानकारी दी। परिवार से बातचीत के बाद उसने स्वेच्छा से मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।
आत्मसमर्पण करने वाली अनिता किस्कू को सरकार की ओर से 3 लाख रुपये की पुनर्वास सहायता दी जाएगी।
कई गतिविधियों में शामिल होने का आरोप
पुलिस के मुताबिक अनिता संगठन में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री पहुंचाने, उसे सुरक्षित स्थानों पर छिपाने, लेवी वसूली और अन्य संगठनात्मक गतिविधियों में भूमिका निभाती थी।
गिरिडीह पुलिस ने इसे पारसनाथ क्षेत्र में नक्सल उन्मूलन अभियान की बड़ी उपलब्धि बताया है। पुलिस अब संगठन से जुड़े अन्य सदस्यों की गतिविधियों पर भी नजर बनाए हुए है।