गिरिडीह: अगर आपके WhatsApp पर गैस बिल अपडेट करने के नाम से कोई लिंक या फाइल आती है, तो सावधान हो जाइए। साइबर अपराधियों ने लोगों को ठगने का नया तरीका अपनाया था। इसी तरीके से कथित तौर पर लोगों को निशाना बनाने वाले दो आरोपियों को गिरिडीह साइबर पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी गैस बिल अपडेट करने के नाम पर WhatsApp के जरिए APK फाइल का लिंक भेजते थे। इस पर क्लिक करने वाले लोगों के मोबाइल में संदिग्ध फाइल इंस्टॉल हो जाती थी और उसके बाद साइबर ठगी की कोशिश की जाती थी।
गुप्त सूचना पर पुलिस ने दबोचा
पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर साइबर थाना प्रभारी रामेश्वर भगत के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम ने मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के तेलोडीह गांव के पास छापेमारी कर दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संतोष मंडल और छोटू कुमार मंडल के रूप में हुई है।
फर्जी सिम से चल रहा था WhatsApp नेटवर्क
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे फर्जी सिम के जरिए WhatsApp नंबर संचालित करते थे। इसके बाद गैस बिल अपडेट के नाम पर लोगों को APK लिंक भेजा जाता था।
पुलिस के अनुसार, संदिग्ध फाइल डाउनलोड या इंस्टॉल होने के बाद मोबाइल और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी का दुरुपयोग कर ठगी की जाती थी।
5 मोबाइल और 5 सिम बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से 5 मोबाइल फोन और 5 सिम कार्ड बरामद किए हैं। साइबर पुलिस अब इन उपकरणों की जांच कर रही है ताकि ठगी से जुड़े नेटवर्क और अन्य संभावित मामलों का पता लगाया जा सके।
डीएसपी साइबर आरके राणा ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
मुख्य आरोपी पहले भी जा चुका है जेल
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी संतोष मंडल के खिलाफ पहले भी साइबर ठगी के मामले दर्ज रहे हैं। डीएसपी के मुताबिक, वह 2019 और 2025 में दर्ज साइबर अपराध के मामलों में जेल जा चुका है।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस बार के कथित साइबर फ्रॉड में कितने लोग निशाने पर थे और इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं।
पुलिस की अपील- अनजान APK से रहें दूर
साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान नंबर से भेजी गई APK फाइल डाउनलोड या इंस्टॉल न करें। गैस बिल, बिजली बिल, बैंक KYC या किसी सरकारी सेवा के नाम पर आए संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जांच लें।
याद रखें—एक अनजान लिंक पर जल्दबाजी में किया गया क्लिक आपके मोबाइल के साथ-साथ आपकी बैंकिंग सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकता है।
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