रांची: झारखंड में JPSC परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब और तेज होता दिख रहा है। शनिवार को राज्य सरकार के उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल और आंदोलनकारी छात्रों के बीच लंबी बातचीत हुई, लेकिन बैठक से कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका।
रांची स्थित राज्य अतिथि गृह में हुई वार्ता के बाद शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि सरकार सभी पक्षों से सुझाव लेगी। वहीं आंदोलनकारी छात्र अपनी प्रमुख मांगों पर अब भी अड़े हैं।
बातचीत हुई, लेकिन लिखित आश्वासन नहीं मिला
सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के साथ चमरा लिंडा, संजय प्रसाद यादव, दीपिका पांडेय सिंह और मुख्य सचिव अविनाश कुमार बैठक में शामिल हुए।
सरकार ने छात्रों और विभिन्न संगठनों से सुझाव लेने की बात कही। मंत्री के मुताबिक, जो छात्र रांची नहीं पहुंच सकते, वे ई-मेल के माध्यम से भी अपनी बात सरकार तक पहुंचा सकते हैं।
लेकिन आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि केवल सुझाव लेने से विवाद खत्म नहीं होगा। उनकी मांग है कि सरकार उनकी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट और लिखित निर्णय दे।
14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने की मांग
आंदोलन की अगुवाई कर रहे देवेंद्र नाथ महतो गुट की मांग है कि 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा को तत्काल रद्द किया जाए।
प्रदर्शनकारी कथित पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग है कि जांच CBI से कराई जाए या फिर राज्य के बाहर के हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की समिति गठित कर मामले की जांच कराई जाए।
सातवें दिन भी जारी है अनशन
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो का अनशन शनिवार को सातवें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लेती, आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।
पिछले करीब दो सप्ताह से राजधानी रांची में प्रदर्शन चल रहा है और अब यह आंदोलन सरकार के लिए भी बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
10 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान
छात्र संगठनों ने सरकार को अब अगली तारीख भी बता दी है। आंदोलनकारियों का कहना है कि यदि 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने और CBI जांच की मांग पर सरकार फैसला नहीं लेती है, तो 10 अगस्त को विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
यानी सरकार के पास बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने के लिए वक्त कम है और छात्रों ने आंदोलन का अगला चरण भी घोषित कर दिया है।
सरकार का फोकस सभी छात्र संगठनों से संवाद पर
शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार किसी एक संगठन से नहीं, बल्कि सभी छात्र संगठनों से बातचीत करेगी। NSUI, झारखंड छात्र संघ, AISA समेत अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों से भी सुझाव लिए जाएंगे।
अब बड़ा सवाल यही है कि सरकार की यह ‘सभी से संवाद’ की रणनीति आंदोलन को शांत कर पाएगी या छात्रों की मांगें पूरी नहीं होने पर 10 अगस्त का विधानसभा घेराव झारखंड की सियासत और प्रशासन के लिए नई चुनौती बनेगा।
फिलहाल वार्ता बेनतीजा है, अनशन जारी है और आंदोलनकारियों का अगला निशाना विधानसभा है।
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