साहिबगंज: झारखंड के साहिबगंज जिले से सामने आए एक मामले ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बरहरवा थाना क्षेत्र से 21 वर्षीय कॉलेज छात्रा अर्पिता सरकार को संदिग्ध आतंकी मॉड्यूल से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया है। हालांकि, एजेंसी के आरोपों की अभी जांच जारी है और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मामला उस समय सामने आया जब STF ने कथित तौर पर जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्ध हमीम मंडल को गिरफ्तार किया। पूछताछ और डिजिटल जांच के दौरान अर्पिता सरकार का नाम सामने आने के बाद STF ने कार्रवाई की।
हनीट्रैप के आरोपों ने बढ़ाई चिंता
जांच एजेंसी का दावा है कि अर्पिता और हमीम मंडल के बीच लंबे समय से संपर्क था। STF के अनुसार, दोनों के बीच व्हाट्सएप चैट और अन्य डिजिटल संवाद की जांच की जा रही है। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि क्या किसी संवेदनशील जानकारी के आदान-प्रदान या संदिग्ध गतिविधियों में किसी तरह की भूमिका थी।
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां इस एंगल की भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से लोगों को जोड़ने की कोशिश तो नहीं की जा रही थी। हालांकि, फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
कॉलेज छात्रा की गिरफ्तारी से उठे कई सवाल
21 वर्षीय अर्पिता सरकार कॉलेज की छात्रा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वह पिछले कुछ वर्षों से हमीम मंडल के संपर्क में थी और दोनों की मुलाकात भी हुई थी। अब STF यह पता लगाने में जुटी है कि यह संपर्क व्यक्तिगत था या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा।
पाकिस्तानी कनेक्शन और फंडिंग की भी जांच
जांच एजेंसी कथित नेटवर्क के विदेशी कनेक्शन, फंडिंग और अन्य संदिग्ध गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही है। अर्पिता को ट्रांजिट रिमांड पर पश्चिम बंगाल ले जाया गया है, जहां उससे आगे पूछताछ की जाएगी।
फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह किसी आतंकी नेटवर्क का हिस्सा था या फिर जांच में कोई और तथ्य सामने आएंगे। STF की जांच और आगे की पूछताछ के बाद ही तस्वीर साफ होगी।
नोट: खबर में लगाए गए आरोप जांच एजेंसी के दावों पर आधारित हैं। अदालत में तथ्य और साक्ष्यों के आधार पर ही अंतिम निष्कर्ष तय होगा।
ये खबर भी पढ़े: Bihar: मानव तस्करी और हत्या—दो बड़े मामलों में बगहा कोर्ट सख्त, उम्रकैद की सजा; स्पीडी ट्रायल से 24 दिन में फैसला!