गोपालगंज: तीन दशक का इंतजार, लंबी कानूनी लड़ाई और हर तारीख के साथ टिकी न्याय की उम्मीद… आखिरकार 29 साल पुराने जयप्रकाश मिश्रा हत्याकांड में अदालत ने अपना फैसला सुना दिया। मंगलवार को गोपालगंज की अदालत ने मामले में छह आरोपियों को दोषी करार दिया। अब अगले सप्ताह यह तय होगा कि दोषियों को कितनी सजा मिलेगी।
मामला 13 दिसंबर 1996 का है। भोरे थाना क्षेत्र के बेलवा मिश्र गांव में जमीन विवाद ने ऐसा रूप लिया कि जयप्रकाश मिश्रा की जान चली गई। अभियोजन पक्ष के अनुसार, विवाद के दौरान उनके साथ लाठी-डंडों से मारपीट की गई थी। घटना के बाद गांव ही नहीं, आसपास के इलाके में भी इसकी चर्चा हुई और मामला अदालत तक पहुंचा।
समय गुजरता गया, पीढ़ियां बदलती रहीं, लेकिन मुकदमा अपनी कानूनी प्रक्रिया से गुजरता रहा। करीब 29 वर्ष बाद मंगलवार को एडीजे-1 संजीव कुमार की अदालत ने सुनवाई पूरी करते हुए छह आरोपियों को दोषी करार दिया।
अधिवक्ता अवधेश मिश्रा के अनुसार दोषी ठहराए गए आरोपियों में बेलवा मिश्र गांव निवासी जगत मिश्रा, अरविंद मिश्रा, संजय मिश्रा, प्रमोद मिश्रा, नृसिंह मिश्रा और हरेंद्र मिश्रा शामिल हैं।
अदालत के फैसले के बाद अब मामले का अगला पड़ाव सजा का है। कोर्ट अगले सप्ताह सजा के बिंदु पर सुनवाई करेगी। ऐसे में पीड़ित परिवार के साथ-साथ पूरे इलाके की नजर अब अगली तारीख पर टिक गई है।
एक जमीन विवाद से शुरू हुई कहानी, 29 साल बाद पहुंची फैसले तक
इस मामले की सबसे खास बात इसका लंबा सफर है। वर्ष 1996 में दर्ज हुआ यह मामला वर्षों तक न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा रहा। पीड़ित परिवार को फैसले के लिए करीब तीन दशक तक इंतजार करना पड़ा। मंगलवार को जब अदालत ने छह आरोपियों को दोषी करार दिया तो पुराने मामले ने एक बार फिर पूरे इलाके का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
हालांकि, दोषसिद्धि के बाद अभी सजा का फैसला आना बाकी है। अदालत अगले सप्ताह यह तय करेगी कि दोषी पाए गए अभियुक्तों को कानून के तहत क्या सजा दी जाए।
29 साल बाद अदालत का फैसला आया है, लेकिन कहानी अभी पूरी नहीं हुई—अब सबकी नजर अगले सप्ताह होने वाली सजा की सुनवाई पर है।
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