शेखपुरा: बिहार के छोटे लेकिन ऐतिहासिक जिले शेखपुरा ने अपनी स्थापना के 33वें वर्ष में प्रवेश किया। जिले का 33वां स्थापना दिवस शुक्रवार को पूरे उत्साह, गरिमा और उल्लास के साथ मनाया गया। समाहरणालय परिसर से लेकर परेड मैदान तक विकास, संस्कृति और जनभागीदारी की झलक देखने को मिली। स्थापना दिवस समारोह में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, छात्र-छात्राओं और आम लोगों ने मिलकर जिले की विकास यात्रा का जश्न मनाया।
प्रभात फेरी से शुरू हुआ स्थापना दिवस का उत्सव
स्थापना दिवस कार्यक्रम की शुरुआत विकास-सह-प्रभात फेरी से हुई। समाहरणालय परिसर से निकली प्रभात फेरी गिरिहिंडा पहाड़ स्थित बाबा कामेश्वरनाथ मंदिर तक पहुंची। इसमें जिलाधिकारी शेखर आनंद, पुलिस अधीक्षक हिमांशु, अपर समाहर्ता लखिन्दर पासवान, उप विकास आयुक्त राकेश कुमार सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी और स्कूली बच्चे शामिल हुए।
प्रभात फेरी के जरिए जिले में विकास, शांति और सामाजिक एकता का संदेश दिया गया।

पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
स्थापना दिवस के मौके पर “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण किया गया। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण और हरित शेखपुरा का संकल्प लिया।
परेड मैदान में दिखी शेखपुरा की संस्कृति और विकास की तस्वीर
मुख्य समारोह परेड मैदान में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। शेखपुरा विधायक रणधीर कुमार सोनी, बरबीघा विधायक डॉ. कुमार पुष्पंजय और विधान परिषद सदस्य ललन प्रसाद का स्वागत किया गया।
स्कूली छात्र-छात्राओं ने स्वागत गीत, राष्ट्रगान और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर समारोह को यादगार बना दिया। वहीं गुब्बारे उड़ाकर विकसित और समृद्ध शेखपुरा का संदेश दिया गया।
14 विभागों के स्टॉल में दिखी विकास की झलक
स्थापना दिवस समारोह में विभिन्न विभागों की ओर से 14 विकासात्मक स्टॉल लगाए गए। अतिथियों और अधिकारियों ने इन स्टॉलों का निरीक्षण किया और सरकार की योजनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी ली।
इन स्टॉलों के माध्यम से कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाई गई।
उत्कृष्ट कर्मियों का सम्मान, दिव्यांगों को मिली सहायता
समारोह के दौरान जिले में बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य लोगों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
वहीं सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत वृद्धावस्था पेंशन लाभुकों को स्वीकृति पत्र दिए गए। पांच दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की पहल की गई।
इसके अलावा खेल विभाग की ओर से कबड्डी, खो-खो, दौड़, रंगोली, चित्रकला और भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। विजेता प्रतिभागियों को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
शेखपुरा की विकास यात्रा पर प्रशासन का जोर
जिलाधिकारी शेखर आनंद ने कहा कि स्थापना के बाद शेखपुरा ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, कृषि और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में काफी प्रगति की है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में शेखपुरा को विकास के नए आयामों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे।

राजो सिंह के योगदान को किया गया याद
विधायक रणधीर कुमार सोनी ने शेखपुरा जिले के गठन में पूर्व सांसद स्वर्गीय राजो सिंह के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि शेखपुरा लगातार विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में जिले की तस्वीर और बदलेगी।
विधान परिषद सदस्य ललन प्रसाद ने भी प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बेहतर तालमेल की सराहना करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयास से ही जिले का समग्र विकास संभव है।
33वें वर्ष में नई उम्मीदों के साथ शेखपुरा
स्थापना दिवस समारोह ने एक ओर जहां जिले की 33 साल की यात्रा को याद किया, वहीं दूसरी ओर भविष्य के विकास का संकल्प भी दोहराया। प्रशासन, जनप्रतिनिधि और आम लोगों की भागीदारी से शेखपुरा ने अपने विकास की नई कहानी लिखने का संदेश दिया।
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