पटना। बिहार में BPSC और TRE-4 की परीक्षा प्रक्रिया को लेकर छात्रों का आक्रोश मंगलवार को राजधानी पटना की सड़कों पर खुलकर सामने आया। गांधी मैदान से आगे बढ़ रहे अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई। बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश के बाद पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया और लाठीचार्ज कर भीड़ को नियंत्रित किया। इस दौरान पुलिसकर्मियों के घायल होने और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की भी खबर है।
घटना के बाद बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर कहा कि सरकार बातचीत करने के बजाय आंदोलन कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज करा रही है।
चोर चोरी से जाए, सीनाजोरी से न जाए
तेजस्वी यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “चोर चोरी से जाए, सीनाजोरी से न जाए।” उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा में पारदर्शिता, नौकरी और शिक्षा से जुड़े सवाल उठा रहे छात्रों की बात सुनने के बजाय उनके साथ सख्ती की जा रही है।
तेजस्वी ने कहा कि छात्रों की मांगों पर सरकार को संवाद करना चाहिए। उनके मुताबिक, युवाओं की आवाज दबाने से आंदोलन खत्म नहीं होगा।
बैरिकेडिंग तोड़ने के बाद बढ़ा तनाव
प्रदर्शनकारी BPSC की 70वीं परीक्षा को लेकर अपनी मांगों और TRE-4 की चयन प्रक्रिया में बदलाव की मांग कर रहे थे। गांधी मैदान से शुरू हुआ मार्च आगे बढ़ते हुए डाकबंगला इलाके तक पहुंचा। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। प्रदर्शनकारियों के आगे बढ़ने के प्रयास के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया।
पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान पथराव भी हुआ। इस घटना में टाउन डीएसपी कामाख्या नारायण सिंह के घायल होने की सूचना है।
बात नहीं करेगी सरकार, लाठी जरूर चलाएगी
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की समस्याओं पर बातचीत करने के बजाय पुलिस कार्रवाई का रास्ता अपना रही है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और रोजगार की मांग कर रहे युवाओं की बात सुनी जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि बिहार के युवा पुलिस कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं और छात्रों की मांगों को लेकर आंदोलन जारी रहेगा। ये बयान तेजस्वी यादव के राजनीतिक आरोप हैं; पुलिस और सरकार का प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं को लेकर अपना पक्ष है।
अब सरकार और छात्रों के बीच संवाद की चुनौती
पटना में हुए इस प्रदर्शन ने BPSC और TRE-4 की चयन प्रक्रिया को लेकर चल रहे विवाद को एक बार फिर राजनीतिक मुद्दा बना दिया है। वहीं, प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के बाद सरकार पर छात्रों से संवाद करने का दबाव भी बढ़ा है।
ताजा घटनाक्रम में छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बिहार के मुख्य सचिव से मुलाकात की है। वहीं, BPSC के परीक्षा नियंत्रक को छात्रों पर कथित विवादित टिप्पणी के मामले में निलंबित किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
अब बड़ा सवाल यही है कि छात्रों की मांगों का समाधान बातचीत से निकलेगा या पटना की सड़कों पर आंदोलन और सियासत का टकराव आगे भी जारी रहेगा?
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