मुजफ्फरपुर: अहियापुर थाना क्षेत्र के झपहां उदनडीह में करीब 50 लोगों की जमीन पर बनी चहारदीवारी और निर्माणाधीन मकानों को जेसीबी से तोड़े जाने के मामले में बेलसंड से लोजपा (रामविलास) के विधायक अमित कुमार रानू की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। पुलिस ने इस पूरे प्रकरण में विधायक की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए उनके खिलाफ दर्ज मामलों की जांच तेज कर दी है। पुलिस के अनुसार, मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी में दर्ज 25 मामलों में से आठ में विधायक अमित कुमार रानू और उनके भाई अभिनव उर्फ सोनू सिंह को नामजद आरोपी बनाया गया है।
मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि विधायक की गिरफ्तारी के वारंट के लिए पुलिस बुधवार को न्यायालय में आवेदन दाखिल करेगी। केस डायरी तैयार कर ली गई है और पुलिस न्यायालय के समक्ष वीडियो समेत अन्य साक्ष्य भी प्रस्तुत करेगी। कोर्ट से वारंट जारी होने के बाद विधायक की गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।
जेसीबी और वाहनों के काफिले के साथ पहुंचने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, 20 अगस्त को झपहां उदनडीह में जमीन पर कब्जे के लिए बड़ी संख्या में लोग जेसीबी, स्कॉर्पियो, थार और अन्य वाहनों से पहुंचे थे। आरोप है कि इस दौरान कई निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया। विरोध करने पर मारपीट, धमकी देने और जमीन खाली कराने का प्रयास किए जाने की भी शिकायत सामने आई।
पीड़ित प्रह्लाद कुमार के आवेदन पर अहियापुर थाना में कांड संख्या 1323/26 दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर नगर डीएसपी-2 के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई।
पुलिस का कहना है कि विधायक के भाई सोनू सिंह पार्टी का झंडा लगी कार से मौके पर पहुंचे थे। उनके साथ 20 से अधिक बाइक और अन्य वाहनों पर 50 से ज्यादा लोगों के मौजूद होने की बात सामने आई है। पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर मौके पर मौजूद लोगों की पहचान कर रही है।
24 घंटे में दो गिरफ्तारी, अब विधायक तक पहुंची जांच
मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी सुमित कुमार श्रीवास्तव और सन्नी सिंह को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इसके बाद अलग-अलग पीड़ितों की ओर से शिकायत मिलने पर कई और प्राथमिकी दर्ज की गईं।
जांच आगे बढ़ने पर विधायक अमित कुमार रानू के भाई सोनू सिंह उर्फ अभिनव को भी नामजद आरोपी बनाया गया। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान विधायक की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है।
विधायक के आवास पर छापेमारी, दस्तावेज बरामद
पुलिस ने विधायक और उनके भाई के खिलाफ सर्च वारंट हासिल करने के बाद कार्रवाई की। 23 अगस्त को विधायक के आवास पर छापेमारी की गई। पुलिस के अनुसार, इस दौरान पार्टनरशिप एग्रीमेंट से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों से संबंधित कागजात और वर्ष 2017 का हस्ताक्षरित ब्लैंक स्टाम्प पेपर बरामद हुआ।
पुलिस ने इन दस्तावेजों को लेकर भी अलग प्राथमिकी दर्ज की है। इसमें कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज रखने और पुलिस कार्रवाई में बाधा पहुंचाने के आरोपों की जांच की जा रही है।
विधायक कार्यालय से दो आरोपी हथियार के साथ गिरफ्तार
पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ आरोपी बेलसंड स्थित विधायक कार्यालय में छिपे हुए हैं। इसके बाद मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, नन्हे सिंह और छोटू कुमार उर्फ छोटू यादव को एक पिस्तौल, दो मैगजीन और नौ कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, छोटू यादव के खिलाफ पहले से लूट, डकैती, रंगदारी, आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास समेत सात आपराधिक मामले दर्ज हैं।
सीतामढ़ी में भी विधायक पर गंभीर आरोपों से जुड़े केस
एसएसपी ने बताया कि विधायक अमित कुमार रानू के खिलाफ सीतामढ़ी के रूनीसैदपुर थाना क्षेत्र में रंगदारी, जबरन वसूली, चोरी की संपत्ति रखने और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़े मामले दर्ज हैं। मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी में दर्ज कुल 25 मामलों में आठ मामलों में विधायक और उनके भाई को आरोपी बनाया गया है।
इसके अलावा विधायक के साढ़ू के घर छापेमारी के दौरान पुलिस के साथ कथित अभद्र व्यवहार और सरकारी काम में बाधा डालने के मामले में भी अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है।
मोबाइल लोकेशन से मिली सुराग, छापेमारी में पुलिस से विवाद
पुलिस के अनुसार, मोबाइल लोकेशन के आधार पर विधायक के भाई सोनू सिंह के कच्ची-पक्की ओपी क्षेत्र के भिखनपुरा में छिपे होने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने वहां छापेमारी की। पुलिस का आरोप है कि कार्रवाई के दौरान उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया और सरकारी कार्य में बाधा डाली गई। इस मामले में संतोष समेत अन्य लोगों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है।
भू-माफिया पर होगी संपत्ति जब्ती की कार्रवाई
एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने कहा कि मुजफ्फरपुर शहर के विस्तार के साथ कांटी, मुशहरी, तुर्की, मनियारी, कच्ची-पक्की, करजा, बोचहां, अहियापुर और झपहां इलाके में जमीन की कीमत तेजी से बढ़ी है। ऐसे में जमीन पर जबरन कब्जे की कोशिश करने वालों के खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी।
उन्होंने कहा कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी चल रही है। कथित भू-माफियाओं के खिलाफ बीएनएसएस की धारा 107 के तहत संपत्ति जब्ती की कार्रवाई भी की जाएगी। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि किसी भी भू-माफिया को बख्शा नहीं जाएगा। यदि किसी पुलिसकर्मी की ऐसे लोगों से मिलीभगत का साक्ष्य मिलता है तो उसके खिलाफ भी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तारी की तलवार, अब कोर्ट के आदेश का इंतजार
50 से अधिक लोगों की जमीन पर कथित तोड़फोड़ से शुरू हुआ यह मामला अब राजनीतिक रूप से प्रभावशाली नाम तक पहुंच चुका है। पुलिस ने विधायक के खिलाफ दर्ज मामलों को गंभीरता से लेते हुए गिरफ्तारी वारंट की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब पूरे मामले में न्यायालय के आदेश पर नजर है। हालांकि, विधायक के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
ये खबर भी पढ़े: Bihar: CM के कार्यक्रम में पत्रकारों की एंट्री रोके जाने पर बवाल, DM के खिलाफ धरने पर बैठे पत्रकार!