पटना: राजधानी पटना सोमवार को देशभक्ति के रंग में रंगी नजर आई। ‘हर घर तिरंगा अभियान’ के तहत निकली तिरंगा यात्रा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद हाथ में तिरंगा लेकर सड़क पर उतरे और जेपी गोलंबर से कारगिल चौक तक करीब 1.5 किलोमीटर पैदल चले। मुख्यमंत्री के साथ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, स्कूली बच्चे और एनसीसी कैडेट भी यात्रा में शामिल हुए।
यात्रा की शुरुआत सुबह करीब 10:30 बजे जेपी गोलंबर से हुई। इससे पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी गांधी मैदान पहुंचे और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस दौरान उनके साथ मंत्री दिलीप जायसवाल और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी भी मौजूद थे।
गांधी मैदान में मुख्यमंत्री के काफिले के गेट नंबर-12 से अंदर प्रवेश करने के बाद सुरक्षा कारणों से गेट बंद कर दिया गया। सीएम की सुरक्षा में तैनात जवानों ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के एस्कॉर्ट के अलावा किसी अन्य वाहन को अंदर जाने की अनुमति नहीं है।
इसी दौरान मंत्री दिलीप जायसवाल और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के स्टाफ ने गेट खोलने का आग्रह किया। बताया गया कि दोनों मंत्रियों को करीब पांच मिनट तक गेट के बाहर इंतजार करना पड़ा। बाद में सुरक्षा व्यवस्था के बीच गेट खोला गया और दोनों मंत्री अंदर पहुंचे। इस दौरान कुछ देर के लिए वहां हलचल की स्थिति बनी रही।
इसके बाद तिरंगा यात्रा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद हाथ में राष्ट्रीय ध्वज लेकर शामिल हुए। उनके साथ स्कूली छात्राएं हर घर तिरंगा अभियान के पोस्टर लेकर चलती नजर आईं। बच्चे ड्रम बजाते हुए यात्रा में उत्साह भर रहे थे, जबकि एनसीसी कैडेट्स ने भी मार्च में हिस्सा लिया।
यात्रा के दौरान सड़क पर देशभक्ति का माहौल देखने को मिला। हाथों में तिरंगा और देशभक्ति के नारों के बीच मुख्यमंत्री का पैदल मार्च लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वतंत्रता दिवस से पहले लोगों को राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना से जोड़ना बताया गया।
14 अगस्त तक मंडलों में चलेगा अभियान
‘हर घर तिरंगा अभियान’ के तहत पटना में मुख्य तिरंगा यात्रा के बाद 14 अगस्त तक विभिन्न मंडलों में भी तिरंगा यात्राएं निकाली जाएंगी। इसके जरिए अभियान को शहर के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने की तैयारी है।
तिरंगा यात्रा के चलते बदली रही ट्रैफिक व्यवस्था
कार्यक्रम को देखते हुए पटना में सुबह 7 बजे से कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रतिबंध और डायवर्जन लागू किया गया। गांधी मैदान, डाकबंगला चौराहा और बुद्धमार्ग से जुड़े कई रास्तों पर सामान्य वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही।
पटना जंक्शन की ओर से आने वाले वाहनों को डाकबंगला चौराहे से भट्टाचार्या चौक और पीरमुहानी होते हुए नाला रोड की तरफ भेजने की व्यवस्था की गई। वहीं एग्जीबिशन रोड की ओर से आने वाले वाहनों को बिग बाजार के पास कटिंग से वापस भट्टाचार्या चौक की ओर डायवर्ट किया गया।
ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की कि तिरंगा यात्रा के दौरान निर्धारित मार्गों पर जाने से बचें और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें। आपातकालीन वाहनों को यातायात प्रतिबंध से छूट दी गई।
एक तरफ मुख्यमंत्री का हाथ में तिरंगा लेकर करीब डेढ़ किलोमीटर का पैदल मार्च चर्चा में रहा, तो दूसरी तरफ गांधी मैदान में मंत्रियों को कुछ देर सुरक्षा घेरे के कारण गेट पर इंतजार करना पड़ा। देशभक्ति के रंग में रंगी राजधानी में सोमवार की तिरंगा यात्रा की ये दोनों तस्वीरें दिनभर चर्चा का विषय बनी रहीं।
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