पटना: पटना में NEET समेत प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के विरोध में हुए उग्र प्रदर्शन के बाद पूरे बिहार में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। बुधवार को राजधानी की सड़कों पर छात्र और पुलिस आमने-सामने आ गए थे। हंगामे, पत्थरबाजी और तोड़फोड़ के बाद अब सभी जिलों के एसपी को अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है।
प्रदर्शन के दौरान तैनात सिटी एसपी पश्चिमी संकेत कुमार का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह पुलिसकर्मियों को मुस्तैदी से डटे रहने का निर्देश देते नजर आ रहे हैं। वीडियो में एसपी पुलिस बल से कहते दिख रहे हैं कि किसी भी स्थिति में पीछे नहीं हटना है। इसके बाद पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों की ओर बढ़ते नजर आते हैं।
सीएम हाउस और राजभवन तक पहुंचे थे छात्र
जानकारी के मुताबिक, छात्र संगठन AISA के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र गांधी मैदान से राजभवन मार्च के लिए निकले थे। पुलिस ने जेपी गोलंबर और डाकबंगला चौराहे पर बैरिकेडिंग कर छात्रों को रोकने की कोशिश की।
प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ने लगे, जिसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। कुछ छात्र सीएम आवास और राजभवन के हाई सिक्योरिटी जोन तक पहुंच गए, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हटाने की कार्रवाई की।
पत्थरबाजी में पुलिसकर्मी घायल, गाड़ियों में तोड़फोड़
पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान पत्थरबाजी की गई, जिसमें कई पुलिसकर्मी और अधिकारी घायल हुए। पुलिस की कई गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचाया गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।
बताया गया कि प्रदर्शन के दौरान करीब 11 पुलिसकर्मी और अधिकारी घायल हुए हैं। वहीं पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
IG की एस्कॉर्ट गाड़ी और नेताओं के काफिले पर हमला
प्रदर्शन के दौरान पटना IG की एस्कॉर्ट गाड़ी पर भी हमला किया गया। इसके अलावा कुछ बीजेपी नेताओं के वाहनों को भी निशाना बनाए जाने का आरोप है।
भागलपुर के बीजेपी विधायक रोहित पांडेय, विधायक विनय बिहारी और अन्य नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों ने उनके काफिले पर हमला किया। नेताओं ने इसे सुनियोजित हमला बताया और कार्रवाई की मांग की।
आज सुरक्षा और सख्त
हंगामे के बाद पटना पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए निगरानी बढ़ा दी है।
वहीं छात्र संगठन अपनी मांगों पर कायम हैं। छात्रों की मांग है कि पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच हो, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें।
पटना में छात्र आंदोलन ने कानून-व्यवस्था को बड़ी चुनौती दी। अब पुलिस एक्शन मोड में है और प्रशासन की नजर हर गतिविधि पर है। सवाल यही है कि आंदोलन और प्रशासन के बीच टकराव का अगला कदम क्या होगा?
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