बेगूसराय: बिहार के बेगूसराय जिले से भ्रष्टाचार का चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पीड़ित परिवार से मौत के मुआवजे के बदले रिश्वत मांगने वाला क्लर्क निगरानी विभाग के हत्थे चढ़ गया।
मिली जानकारी के अनुसार, चांदपुर गांव की दौलती देवी की बेटी की अक्टूबर 2025 में गंडक नदी में डूबने से मौत हो गई थी। सरकार की ओर से आपदा राहत के तहत पीड़ित परिवार को 4 लाख रुपये मुआवजा मिलना था।
8 हजार की मांग, 4 हजार लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
आरोप है कि अंचल कार्यालय में कार्यरत नाजिर सह लिपिक सोनू कुमार मुआवजा दिलाने के नाम पर 8 हजार रुपये रिश्वत मांग रहा था। परेशान होकर पीड़ित महिला ने 30 जुलाई को पटना निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के सत्यापन के बाद निगरानी टीम ने जाल बिछाया और शुक्रवार को प्रखंड सह अंचल कार्यालय में 4 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए सोनू कुमार को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
कार्रवाई से दफ्तर में मचा हड़कंप
निगरानी विभाग की इस कार्रवाई के बाद प्रखंड और अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पीड़ित परिवार को राहत की उम्मीद
इस कार्रवाई के बाद पीड़ित परिवार को अब बिना रिश्वत दिए मुआवजा मिलने की उम्मीद जगी है। वहीं, इस घटना ने एक बार फिर सरकारी दफ्तरों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर सवाल खड़े कर दिए हैं।