नई दिल्ली: देश ने शनिवार को 80वां स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह, गौरव और राष्ट्रीय एकता की भावना के साथ मनाया। ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 13वीं बार तिरंगा फहराया और राष्ट्र को संबोधित किया। इस बार का समारोह कई मायनों में विशेष रहा। पहली बार लाल किले पर राष्ट्रगीत “वंदे मातरम्” का सामूहिक गायन हुआ, जबकि युवा शक्ति और विकसित भारत-2047 के संकल्प को कार्यक्रम का केंद्रीय विषय बनाया गया।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में आत्मनिर्भर भारत, ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक विकास, कृषि, बुनियादी ढांचे, सेमीकंडक्टर, डिजिटल क्रांति और युवाओं की भूमिका पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि भारत अब दूसरे देशों पर निर्भर रहने वाला राष्ट्र नहीं, बल्कि दुनिया को दिशा देने वाला आत्मनिर्भर देश बनने की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
लाल किले पर पहली बार गूंजा “वंदे मातरम्”
80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि लाल किले पर पहली बार राष्ट्रगीत “वंदे मातरम्” का सामूहिक गायन हुआ। वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर ज्ञानपथ पर 2,500 एनसीसी कैडेट और माय भारत वॉलंटियर्स ने विशेष आकृति बनाकर राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया।
प्रधानमंत्री के ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान हुआ और 21 तोपों की सलामी दी गई। समारोह में देशभर से आए लगभग 5,000 विशेष अतिथियों ने भाग लिया।
भारत अब छोटे सपनों से नहीं चलेगा
अपने संबोधन की शुरुआत स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज का भारत छोटे सपनों से संतुष्ट रहने वाला देश नहीं है।
उन्होंने कहा कि जब कोई राष्ट्र बड़े लक्ष्य तय करता है और उन्हें हासिल करने का संकल्प लेता है, तभी वह दुनिया में नई पहचान बनाता है। भारत ने 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य तय किया है और इस लक्ष्य को प्राप्त करने से अब कोई नहीं रोक सकता।
25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले
प्रधानमंत्री ने पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है।
उन्होंने दावा किया कि बीते 12 वर्षों में लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। उन्होंने कहा कि यह बदलाव केवल आंकड़ों का नहीं, बल्कि करोड़ों परिवारों के जीवन स्तर में सुधार का प्रतीक है।
आत्मनिर्भर भारत पर दिया जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भरता आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि एक समय आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा पर सवाल उठाए जाते थे, लेकिन बदलते वैश्विक हालात ने साबित कर दिया है कि हर देश को अपनी क्षमताओं को मजबूत करना होगा।
उन्होंने कहा कि दुनिया में संसाधनों और तकनीक का रणनीतिक उपयोग हो रहा है। ऐसे समय में भारत को अपने हितों की रक्षा के लिए आत्मनिर्भर बनना ही होगा।
वोकल फॉर लोकल” से बढ़ी देश की ताकत
प्रधानमंत्री ने कहा कि मेक इन इंडिया, वोकल फॉर लोकल और स्वदेशी जैसे अभियान अब जनआंदोलन बन चुके हैं।
उन्होंने बताया कि भारत ने सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाई है। देश में तीन सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू हो चुके हैं और वहां से निर्यात भी प्रारंभ हो गया है।
उन्होंने कहा कि आज चिप तकनीक आधुनिक दुनिया की रीढ़ बन चुकी है और भारत इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का बड़ा फोकस
प्रधानमंत्री ने कहा कि भविष्य की दुनिया ऊर्जा पर आधारित होगी और ऊर्जा सुरक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा जितनी ही महत्वपूर्ण हो गई है।
उन्होंने बताया कि देश की सौर ऊर्जा क्षमता 2014 में जहां केवल 2 गीगावॉट थी, वह अब बढ़कर 160 गीगावॉट तक पहुंच गई है।
उन्होंने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में 50 लाख घरों में सोलर ऊर्जा परियोजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है। हजारों परिवारों का बिजली बिल शून्य हो चुका है और कई लोग अतिरिक्त बिजली बेचकर आय भी अर्जित कर रहे हैं।
रेलवे और बुनियादी ढांचे में तेज प्रगति
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में रेलवे के लगभग 70 प्रतिशत नेटवर्क का विद्युतीकरण हो चुका है।
उन्होंने बताया कि भारत ने अपनी पहली हाइड्रोजन ट्रेन भी शुरू कर दी है, जो आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इसके अलावा रेलवे कोच निर्माण, सड़क नेटवर्क और अन्य बुनियादी परियोजनाओं में भी रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है।
किसानों को सस्ती खाद और ऊर्जा
प्रधानमंत्री ने वैश्विक संकटों का जिक्र करते हुए कहा कि कोरोना महामारी और रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान कई विशेषज्ञों ने भारत को लेकर नकारात्मक भविष्यवाणियां की थीं।
लेकिन भारत ने न केवल अपनी जरूरतें पूरी कीं, बल्कि किसानों को राहत भी दी। उन्होंने कहा कि जहां अंतरराष्ट्रीय बाजार में यूरिया हजारों रुपये में मिलता है, वहीं भारत सरकार किसानों को भारी सब्सिडी देकर बेहद कम कीमत पर उपलब्ध करा रही है।
युवाओं पर रहा विशेष फोकस
इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह में युवाओं को विशेष प्राथमिकता दी गई।
अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में पदक जीतने वाले छात्र, स्टार्टअप से जुड़े युवा, पीएम इंटर्नशिप योजना के प्रतिभागी, पीएम कौशल विकास योजना के प्रशिक्षित युवा और माय भारत वॉलंटियर्स को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया।
सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया कि विकसित भारत का सपना युवा शक्ति के सहयोग से ही साकार होगा।
अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था
स्वतंत्रता दिवस समारोह को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। लाल किले और आसपास के क्षेत्रों में 15 से 20 हजार सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई।
1,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखी गई, जबकि राजधानी के सभी प्रमुख प्रवेश द्वारों पर वाहनों की सघन जांच की गई।
प्रमुख बातें एक नजर में
- पीएम मोदी ने लगातार 13वीं बार लाल किले पर तिरंगा फहराया।
- पहली बार लाल किले पर वंदे मातरम् का सामूहिक गायन हुआ।
- 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प दोहराया।
- आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल पर विशेष जोर।
- 25 करोड़ लोगों के गरीबी से बाहर आने का दावा।
- सौर ऊर्जा क्षमता 2 गीगावॉट से बढ़कर 160 गीगावॉट हुई।
- 70 प्रतिशत रेलवे नेटवर्क का विद्युतीकरण पूरा।
- देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन शुरू होने का उल्लेख।
- 5,000 विशेष अतिथि और 2,500 एनसीसी कैडेट समारोह में शामिल।
- युवाओं को विकसित भारत अभियान का केंद्र बताया।
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